एम्स में हाईब्रिड आपरेशन थियेटर का शुभारंभ

एसके विरमानी /ऋषिकेश | अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में पहले हाईब्रिड ऑपरेशन थियेटर का संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने औपचारिक शुभारंभ किया। न्यूरो सर्जरी विभाग के इस ओटी में जल्द ही तंत्रिका तंत्र से जुड़े रोगों से ग्रसित मरीजों की शल्य क्रिया शुरू की जाएगी।  इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि हाईब्रिड ऑपरेशन थियेटर ​सीटी मशीन एवं अत्याधुनिक न्यूरो नेविगेशन की सुविधाओं से सुस​ज्जित होगा। निदेशक प्रो. रवि कांत जी ने बताया ​कि इस तरह की प्रणाली स्थापित होने से अब एम्स अस्पताल में एपीलैप्सी सर्जरी (मिर्गी के दौरे की सर्जरी), दिमाग और रीढ़ की हड्डी के कैंसर, पिचूट्री ग्लैंड (पियूष ग्रंथी) की सर्जरी के अलावा रीढ़ की हड्डी की जटिल बीमारियों की सर्जरी आसानी से एवं सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी।                                                        न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. रजनीश अरोड़ा ने बताया कि यह मशीन देशभर में चुनिंदा अस्पतालों में ही मौजूद है। बताया कि उत्तर भारत में दिल्ली एम्स व पीजीआई चंडीगढ़ को छोड़ किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी के अथक प्रयासों से संभव हो पाई है। जिसका लाभ संपूर्ण उत्तर भारत के मरीजों को मिलेगा |न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रो. आरएस मित्तल ने बताया कि इस तरह के अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर में स्नायु तंत्र की जटिलतम बीमारियों जिनमें न केवल दिगाम एवं रीढ़ की हड्डी के कैंसर की सर्जरी संभव है, साथ ही पीयूष ग्रंथी, रीढ़ व गर्दन की हड्डी की जटिल आनुवांशिक बीमारियों का इलाज भी संभव हो सकेगा। इसके अलावा एपीलैप्सी सर्जरी में भी यह तकनीक अत्यंत कारगर साबित होती है। जटिल शल्य क्रिया में ऐसे तकनीकों के उपयोग से मरीज को होने वाले खतरों में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि ओटी के भीतर सचल सीटी स्केनर एवं नेविगेशन की मौजूदगी एक शल्य चिकित्सक की कार्यक्षमता को कहीं अ​धिक बढ़ा देता है।                                                      कार्यक्रम में उप निदेशक (प्रशासन) अंशुमन गुप्ता, डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डीन एलुमिनाई प्रोफेसर बीना रवि, प्रो. लतिका मोहन, प्रो. आरएस मित्तल, ब्रिगेडियर यूबी मिश्रा, वित्त सलाहकार प्रभात कुमार मिश्रा, डा. अनुभा अग्रवाल,डा. प्रांशु भार्गव, डा. निशांत गोयल, डा. जितेंद्र चतुर्वेदी,डा. राजा शेखर, डा. सर्वानन आदि मौजूूद थे।


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