एम्स में ट्रामा पर तीन दिन का एटीएलएस व एटीसीएन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू

                                                                                                                                                                                                                                                      एसके विरमानी/ ऋषिकेश |अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में अभिघात (ट्रॉमा) चिकित्सा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए तीन दिवसीय एटीएलएस व एटीसीएन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हो गया। जिसमें विभिन्न राज्यों के मेडिकल संस्थानों से जुड़े चिकित्सकों व नर्सिंग आफिसर्स को विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।                       
एम्स में अभिघात चिकित्सा क्षेत्र को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अनुरूप सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थान के मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड व समीपवर्ती राज्यों को विश्वस्तरीय ट्रॉमा सेंटर की सुविधाएं प्रदान करने को लेकर प्रतिबद्ध है। ​निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि ट्रॉमा चिकित्सा को सुनिश्चित करने के लिए इमरजेंसी ट्रॉमा में कार्य करने वाले समस्त चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ के लिए इस कोर्स को अनिवार्य रूप से लागू करने वाला देश का पहला संस्थान ऋषिकेश एम्स है। लिहाजा भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एम्स में कार्यरत सभी चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ को ट्रॉमा केयर में दक्षता के लिए विशेष कार्यक्रम का नियमित आयोजन किया जा रहा है।  एम्स के ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम ने बताया कि यह कोर्स एम्स ऋषिकेश में नियमिततौर पर हर माह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न मेडिकल संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों को आघात चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया कि इस माह एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट एटीएलएस का आठवां व एटीसीएन का छठा मासिक कोर्स शुरू किया गया है।  
कार्यशाला में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय जयपुर के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की प्रो. सुचिता वया और रेस्प्रीरेटरी मेडिसन विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. आशीष जैन, एम्स ऋषिकेश के जनरल सर्जरी विभाग के डा. फरहान उल हुदा, ईएनटी के डा. मनु मल्होत्रा, ट्रॉमा सर्जरी के डा. मधुर उनियाल,डा. अमूल्य रतन, नर्सिंग काॅलेज के डा. राकेश शर्मा, डा. राजेश कुमार,सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश देवस्थले, चन्दूराज बी. आदि प्रशिक्षण दिया।                     उन्होंने बताया कि इस कोर्स को करने के लिए निर्धारित किए गए मानकों में चिकित्सकों के लिए 70 प्रतिशत तक अंक होने अनिवार्य हैं। इस  कार्यशाला के आयोजन में मेडिकल एजुकेशन विभाग, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश देवस्थले व चंदूराज बी. का अहम योगदान रहा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में देशभर से विभिन्न अस्पतालों के 32 से अधिक डाॅक्टर और नर्सिग ऑफिसर्स प्रतिभाग कर रही हैं।


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