मेटलेब साफ्टवेयर पर कार्यशाला में 66 रिसर्च स्कालर ने भाग लिया

भारत नमन ब्यूरो /हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर विज्ञान विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क विद (मेटलेब) इम्पलीमेशन विषय पर समापन समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय इलैक्ट्रानिक एवं आई.टी. संस्थान, हरिद्वार के निदेशक अनुराग कुमार ने कहा कि मेटलेब साफ्टवेयर पर दो दिन की कार्यशाला में 66 रिसर्च स्कालर ने भाग लिया है। इन शोधार्थियों का अपने संस्थान के अन्तर्गत विश्वविद्यालय और कालेज स्तर पर आई.टी. के ट्रेनिंग प्रोग्राम में इनका उपयोग किया जाएगा। भारत सरकार का मंत्रालय फिचर स्कील को लेकर काफी चिन्तित है और कम्प्यूटर के क्षेत्र में नवीन प्रयोग कर लोगों के अन्दर कौशल पैदा करना चाहता है। विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो0 वी0के0 शर्मा ने कहा कि न्यूरोन वाइब्रेशन की बात शोध, अध्ययन और शिक्षण में की जा रही है। इसे उत्प्रेरित करने के लिए तरंगों पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। हमारे शरीर में अनेक प्रकार की तरंगे उत्पन्न होती है जो कृत्रिम भी हो सकती है और सकारात्मक भी। उसी प्रकार से कम्प्यूटर के क्षेत्र में मेटलेब का विशेष योगदान है। कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 विवेक कुमार ने कहा कि दो दिवसीय सेमिनार में पधारे सभी प्रतिभागियों ने इसका लाभ उठाया होगा। भविष्य में इसी प्रकार की कार्यशाला विभाग में संचालित की जाएगी, जिसका लाभ उठाकर प्रतिभागी अपने जीवनचर्या को आगे बढ़ायेंगे। इस अवसर पर प्रो0 कर्मजीत भाटिया, कार्यशाला के संयोजक डा0 महेन्द्र सिंह असवाल, डा0 राजकुमार, डा0 श्वेतांक आर्य, द्विजेन्द्र पन्त, संजय कुमार, अजय इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन शोधार्थी नेहा और वैशाली ने किया।



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