आलेख

भारत की बदलती तस्वीर 


 **सुशीला रोहिला
आधुनिक युग के बदलते दौर में  हमारे देश की राजनीति  की बदलती तस्वीर आज विश्व- भर में दीप्यमान है । विश्व -भर  में  भारतमाता  की पहचान  और भारतमाता  की जय के नारे गूंज रहे है ।  जब -जब  देश का राजा अपने हितों को त्याग  कर देश की  जनता के हितों का ध्यान  रखेगा  तब वह देश आर्थिक, रूपी से कमजोर नहीं  हो सकता | विकास  की दर उसके कदम चूमती है । मोदी सरकार  के आने से भारतमाता का गौरव  चहूँदिशी  बढ़  गया है । उन्होंने राजनीति को सुचारू  रूप  से चलाने के लिए भगवान  शिव , गंगा भैया तथा अपने गुरु महाराज का भी आश्रय  लिया है । सत्ता को प्राप्त करने से पहले  बद्रीनाथ धाम पर भगवान  शिव  की पुजा-अर्चना की और रात को भजन - सुमिरण  भी किया । उन्होंने  राजनीति के अध्याय की  शुरुआत  अध्यात्मवाद को धारण करने से की है ।


महाभारत काल की समाप्ति पर भगवान  कृष्ण  ने युधिष्ठिर महाराज  के राजतिलक होने पर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि -अब  तुम्हें  भीष्म पितामह से राजनीति का अन्तिम  अध्याय सीखना चाहिए ।
भीष्म पितामह ने अपने संदेश में  कहा कि हमें  ऐसी कोई  प्रतिज्ञा या अपना स्वाभिमान,  अहं, निजी हित नहीं  होने देना चाहिए  जो देशहित के लिए  हितकारी न हो । कुरूक्षेत्र में  आ जाओ लेकिन  देश का विभाजन कभी मत होने दीजिए । मैंने  देश का विभाजन करके बहुत बड़ा पाप किया है आधुनिक  युग  में  यही कार्य  राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने किया था |  उन्होंने देश की शांति के लिए देश का बँटवारा किया था  लेकिन कुछ ताकतों विशेष रूप से  विभाजन से उपजे पाकिस्तान ने इसका गलत फायदा उठाया | बटंवारे के बाद भी उसकी नजर भारत के एक हिस्से जम्मू-कश्मीर पर लगी रही | विभाजन के बाद से ही वह वहां आतंकवाद के जरिये विघ्न बाधा डालता रहा| निर्दोष लोगों का खून बहाता रहा | आतंक की ज्वाला तभी से धधक रहीं  है लेकिन  मोदी सरकार के आगमन से आतंक पर भी शिकंजा कसा गया है । आर्थिक रूप से भी भारत  मजबूत  हो रहा है । विदेशी कंपनियों ने भी भारत में  निवेश  करने का मन बना        लिया है ।


 


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