मुख्‍यमंत्री ने कुम्भ मेला निर्माण कार्यों की प्रगति पर सन्तोष जताया,चेतावनी भी दी

वरिष्ठ संवाददाता /हरिद्वार । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में 2021 में होने वाले कुंभ मेला के स्थाई निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरागी कैंप में चल रहे गंगा घाटों नलकूपों बस्तीराम की पाठशाला धोबी घाट मे बन रहे स्थाई पुल श्मशान घाट श्री यंत्र मंदिर कनखल में बन रहे स्थाई पुलों तथा गौरीशंकर द्वीप चंडी घाट चल रहे कुंभ कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन गंगा घाटों का निरीक्षण करते समय उसमें लग रही निर्माण सामग्री के सैंपल भी जांच के लिए भिजवाए। उन्होंने कहा कि कुंभ कार्यों में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। लापरवाही बरतने के आरोप में विभाग के 3 इंजीनियर पहले ही सस्पेंड किए जा चुके है,ं उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र का समुचित विकास और विस्तार भी किया जाएगा उन्होंने कहा कि कुंभ के कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। साधु संतों की भावना के अनुरूप कुंभ क्षेत्र में निर्माण कार्य कराए जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा मुख्यमंत्री ने जल संस्थान द्वारा बनाए जा रहे नलकूपों की तारीफ की उन्होंने अपील की कि स्वयंसेवी संस्थाएं और धार्मिक संस्थाएं तथा उद्योगपति कुंभ क्षेत्र में घाटों के निर्माण तथा अन्य कार्यों के लिए बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी करें मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार का कुंभ ऐतिहासिक और भव्य दिव्य होगा मुख्यमंत्री ने आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महन्त हरि गिरि महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत रवींद्र पुरी जूना अखाड़ा के महंत प्रेम गिरी निरंजनी अखाड़े के महंत रवींद्र पुरी निर्मल पंचायती अखाड़ा के सचिव महन्त देवेंद्र सिंह शास्त्री कोठारी महन्त जसविंदर सिंह शास्त्री समेत अनेक संतों के साथ कुंभ क्षेत्र का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने पहली बार कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया है। मुख्यमंत्री के साथ स्थलीय निरीक्षण में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली मेला अधिकारी दीपक रावत कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल एसएसपी सेंथिल अबू अब्बू दई ,जिलाधिकारी रविशंकर समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे |


कार्यो को समयबद्धता से पूरा करें
मुख्यमंत्री ने कुम्भ के लिये किये जा रहे स्थाई कार्यो के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यो में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाय। कुम्भ कार्यों के प्रति किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बैरागी कैम्प से कनखल को जोड़ने वाले पुल, जलनिगम की पेयजल आई बेल के निरीक्षण के दौरान इसे उपयोगी बताया। उन्होंने गौरी शंकर क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। इस क्षेत्र को पूर्व कुम्भ मेलों की तुलना में अधिक विस्तृत एवं व्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले में आने वाले सन्त महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत गौरीशंकर क्षेत्र में सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधाये तथा स्नान घाटों के निर्माण के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले कुम्भ मेला की तुलना में इस बार अधिक क्षेत्रफल चिन्ह्ति किया गया है। कुम्भ मेला का आयोजन सुव्यवस्थित एवं निर्विवादित ढ़ंग से सम्पन्न हो इसके लिये मेला प्रशासन, जिला प्रशासन एवं अखाड़ा परिषद् से आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश उन्होंने मेलाधिकारी को दिये। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर सन्तोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि नवम्बर तक सभी निर्माण कार्यों को निश्चित रूप से पूर्ण करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की परम्परा के अनुरूप आगामी कुम्भ मेले को भव्य रूप से आयोजित किये जाने का हमारा लक्ष्य है, इसके लिये सभी से सहयोग की भी उन्होंने अपेक्षा की।


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