श्रम कानूनों में संशोधन की जरूरत: डा. जायसवाल

भारत नमन ब्यूरो /हरिद्वार। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.दीपक जायसवाल ने कहा कि अगर सरकार श्रमिकों का भला करना चाहती है तो सबसे पहले श्रमिकों के हित में श्रम कानूनों में संशोधन किया जाना चाहिए। क्योंकि अंग्रेजी शासनकाल के कानूनों से मजदूरों का भला होने वाला नहीं है। यह बात उन्होंने बुधवार को शिवालिक गेस्ट हाउस परिसर में हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कस ट्रेड यूनियन भेल के कार्यकर्ताओं की बैठक में कही। इससे पहले हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कस ट्रेड यूनियन के महामंत्री विकास सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भेल हरिद्वार प्रबंधन मजदूरों की जायज मांगों को पूरा नहीं कर रहा है। वर्ष 2003 में भर्ती हुए आर्टीजनों की पे-एनामली, वर्ष 2009 के बाद भर्ती हुये आर्टीजनों को ढाई इन्क्रीमेंट का लाभ ना दिया जाना और 1 जनवरी 2017 से 5 प्रतिशन सर्विस वेटेज का भुगतान नहीं किया गया है। इससे भेल हरिद्वार के कर्मचारियों में रोष है। डॉ.जायसवाल ने भेल हरिद्वार के मजदूरों को आश्वासन दिया कि वे शीघ्र ही भेल प्रबंधन से वार्ता कर इन सभी समस्याओं के निराकरण का प्रयास करेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमिया सरकार ने कहा कि जैसे भेल की अन्य यूनिटों में सोसायटी बनाकर भेल कर्मचारियों को आवासीय भवन उपलब्ध कराए गए हैं, वैसे ही भेल हरिद्वार में सोसायटी का निर्माण करके भूखंड अथवा आवासीय भवन उपलब्ध कराए जाएं।


सभा में सीएफएफपी श्रमिक यूनियन के महामंत्री अमित गोगना, सेंट्रल फोर्ज वर्करस यूनियन के महामंत्री जय शंकर, राकेश मालवीय, अरविंद कुमार, नवीन कुमार, कामता प्रसाद, वीरेन्द्र सिंह भदौरिया, संदीप जोशी, अजीत पाल, इफ्तिखार, हरद्वारी प्रसाद, विजय यादव, भवानी प्रसाद, आदर्श कुमार, मोहित शर्मा, नीरज गुसांई, दीपक पाल, प्रभात कुमार, राकेश पाल, जेके रावत, मनोज मांझी, बलवीर सिंह रावत, चन्द्रशेखर शर्मा, सत्यपाल सैनी, विकास परेडा, भूपेंद्र रावत, हरीश साहू, प्रेमशंकर ठाकुर, भवानी शंकर, मनी प्रकाश तिवारी, इन्द्रजीत सिंह भंडारी, उमेश कुमार, सुनील नेगी आदि उपस्थित थे।


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