उक्रांद गढवाल मंडल का दो दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन श्रीनगर में सम्पन्न

भारत नमन ब्यूरो/देहरादून | गढ़वाल श्रीनगर में उत्तराखंड क्रान्ति दल  का दिवसीय गढ़वाल मंडल का कार्यकर्ता सम्मेलन 22 व 23 फरवरी को अदिति वेडिंग पॉइंट में सम्पन्न हुआ जिसकी अध्यक्षता दल के संरक्षक  त्रिवेंद्र सिंह पंवार  ने की।  दल के केन्‍द्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने बताया कि  सम्मेलन  में मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के विचार व रणनीति पर चर्चा की गयीं। दल के सांगठनिक ढांचे को ग्राम व ब्लॉक स्तर पर ले जाया जाना तथा बूथ स्तर से सघन सदस्यता अभियान को और तेज किया जाना है।सम्मेलन में बजट सत्र पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने के लिए 3 मार्च 2020 को सरकार का घेराव गैरसैण में किया जाना है जिसमें अधिक से अधिक संख्या में सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी घेराव में प्रतिभाग करेंगे। सम्मेलन में यह निष्कर्ष निकाला गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में सभी आंदोलनकारी संगठनों,बुद्धिजीवियों को साथ मे लेकर दल आगे चलेगा जिसके लिए सभी संगठनों को दल एक मंच पर खड़ा करेगा।सम्मेलन में 17 राजनैतिक प्रस्ताव सदन के द्वारा ध्वनिमत से पारित किये गए जिसमे प्रमोशन में आरक्षण को लेकर दल सर्बोच्च न्यायलय के निर्णय का स्वागत करते हुए जनरल व ओबीसी कर्मचारियों के साथ दल साथ खड़ा है, साथ ही कर्मचारियों की पुरानी पेंशन लागू करने की मांग का उत्तराखंड क्रान्ति दल पूर्ण रूप से समर्थन करता है।रिटायर कर्मचारियों के हितों को सरकार अनदेखी करती आ रही है इसलिए दल सरकार से रिटायर कर्मचारियों की मांगों को लेकर सकारात्मक हल चाहता है। दल राज्य निर्माण से ही बिजली पानी फ्री की मांग करते आया है इसलिये सम्मेलन में बिजली पानी फ़्री किये जााने का प्रस्ताव पास किया गया।राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बजट सत्र में घोषित की  जाये।हाल में हुये वन आरक्षी की परीक्षा में हुई धांधली के होते परीक्षा अभिलम्ब रद्द करते हुए नए सिरे से परीक्षा करवायी जाय व परीक्षा में हुई धांधली को लेकर उच्च न्यायालय के रिटायर जज द्वारा जांच करायी जाय।आगामी परिसीमन का आधार क्षैत्रफल के आधार पर किया जाय जिसके लिए सरकार विधान सभा मे प्रस्ताव पास पर परिसीमन आयोग,निर्वाचन आयोग से लेकर केंद्र सरकार को भेजा जाय।आगामी जनसंख्या जनगणना के लिये ग्राम सभा के भाग-2 रजिस्टर के आधार पर किया जाय।राज्य में आगनबाड़ी, भोजनमाता एवम संविदाकर्मियों की न्यूनतम वेतन मांगो को सरकार अभिलम्ब स्वीकार करे,राज्य सरकार जिला विकास प्राधिकरण को तुरंत वाफिस ले। देवस्थानम अधिनियम को सरकार वाफिस ले व पुजारियों/पंडो की पूर्व व्यवस्था को जारी किया जाये सहित राजनैतिन प्रस्ताव पास हुए।


          
          
 
     


टिप्पणियाँ