उत्तराखण्ड की संस्कृति और पहाड़ी भोजन को लेकर पत्रकारों को जागरूक किया

भारत नमन ब्यूरो/देहरादून । देश के 25 राज्यों में आरजेएस और टीजेएपीएस केबीएसके द्वारा सकारात्मक भारत आंदोलन चलाया जा रहा है। दिल्ली से हरिद्वार होते हुए टीम आरजेएस का प्रतिनिधिमंडल   स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार डब्ल्यू जेआई  देहरादून के मंत्री सुनील गुप्ता, दिल्ली से राजेंद्र सिंह यादव,प्रखर वार्ष्णेय ,प्रांजल श्रीवास्तव राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के नेतृत्व में आरजेएस की 129वीं सकारात्मक बैठक का आयोजन किया गया। श्रृंखला बैठकों के आयोजक देवभूमि रसोई के पंकज अग्रवाल रहे।  जिसमें  देवभूमि पत्रकार यूनियन के महासचिव डा.वी.डी. शर्मा,रजनीश ध्यानी


 और स्थानीय पत्रकारों से टीम आरजेएस रूबरू हुई और सकारात्मक पत्रकारिता पर चर्चा हुई। बैठक में देश के रक्षक जसवंत सिंह ‌और प्रर्यावरण की रक्षक गौरा देवी को श्रद्धांजलि देकर उनके बारे में चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता आकाशवाणी के पूर्व निदेशक और उत्तराखंड संस्कृति के जानकार डी एस चौहान ने की।‌
 आयोजक पंकज अग्रवाल ने आमंत्रित सभी पत्रकारों और समाज सेवियों का  स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि रसोई यानी पहाड़ी खाना दुनिया के सामने आना चाहिए| आरजेएस के समर्थन पर पंकज अग्रवाल ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि 25 राज्यों की आरजेएस फैमिली व पाॅजिटिव मीडिया का प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड की संस्कृति व व्यंजन को देश भर में समर्थन दिलाने की सकारात्मक सोच के साथ‌ दिल्ली से आकर उत्तराखंड सप्ताह यात्रा कर रही है ।यह उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। श्री पंकजअग्रवाल ने कहा कि पहाड़ी अन्न और सब्जियों की उपज चुंकि ऊंचाई पर तैयार होती है और अनाज में कोई प्रदूषण नहीं होता। इसलिए पहाड़ी भोजन स्वास्थ्य के लिए सेहतमंद होता है।
उत्तराखंड का भोजन सबसे सादा और बनाने में आसान होता है।ये कांसा ,तांबा,पीतल और जस्ता के बर्तनों में परोसा जाए तो आनेवाले पर्यटकों को पर्यटन की दृष्टि से ये संदेश भी दिया जा सकता‌है कि पहाड़ी भोजन की सार्थकता और प्रामाणिकता आज के प्रदूषित वातावरण में बहुत ज्यादा है।
हरिद्वार देवभूमि रसोई की एक और कड़ी मंसूरी में इसी मंतव्य से की गई है कि उत्तराखंड आनेवाले ‌ पर्यटकों को पहाड़ी संस्कृति से रूबरू कराया जा सके।  पहाड़ी खाना में मंडुवे की आटे में गहद भरी हुई भरया रोटी , पहाड़ी मट्ठा पल्लर, पहाड़ी झंगोरे का दलिया ,खीर आदि बनाए जा सकते हैं।मिष्ठान में बाल मिठाई,मीठू बात,खोई पेड़ा और लोई‌ पेड़ा , सिंगोड़ी आदि प्रमुख पसंदीदा व्यंजन हैं जिन्हें सर्व सुलभ किया जा सकता है।
 आरजेएस‌ के राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने कहा कि अन्य राज्यों की संस्कृति की तरह पहली बार आरजेएस फैमिली और पॉजिटिव मीडिया ने उत्तराखंड संस्कृति व व्यंजन को समर्थन देने‌के लिए 19 फरवरी से 25 फरवरी तक यात्रा कर समर्थन दिया।
 हरिद्वार, देहरादून, मंसूरी, रोतुली की बेली ,धनौल्टी, टेहरी, ऋषिकेश आदि क्षेत्रों में रहने वाले भाई बहनों से मिलकर आरजेएस प्रतिनिधिमंडल हाल-चाल पूछ रहे हैं और पहाड़ी खाना को प्रमोट कर रहे हैं। बैठक में स्थानीय पत्रकारों में  ,आर पी सिंह,सैयद अली,किशोर रावत,वकील अहमद,विशाल और दिनेश आदि   का सहयोग सराहनीय रहा। बैठक के अंत में सहभागियों ने अपने अपने घरों में पहाड़ी भोजन और बर्तनों का उपयोग करने की बात बताई।



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