होली पर विशेष

      मानवताका प्रकाश 


     सुशीला रोहिला , सोनीपत हरियाणा   



     फाल्गुन  मास का संदेश 
     ज्यों प्रकृति  में आई बहार
     चित्त में सद्भावना की हरियाली
     सुख शांति की छाई बहार
    
     प्रकृति पुरुष का हुआ मिलन
     प्रेम का चित्त में उपजा अंकुर
     तीनों गुणों ने रची सृष्टि सारी 
     सत् -रज-तम का हुआ बसेरा


     तीनों गुणों से न्यारा है प्यारा
     अनन्त अनोखा भेद निराला
     सद्गुरु चरणों का मिला सहारा
     दिव्य दृष्टि से घट में है उजाला


     फाल्गुन मास ने दी सी सीख
     भक्ति में शक्ति का अद्भुत खजाना


     भक्त प्रहलाद ने सत्य दिखाया


     भक्ति में शक्ति का  खजाना


    होली का रंंग प्रेम रंग
    भक्ति का गुलाल लाल
    चित्त करें इनका संग
    पांच दुष्टों का होता संहार
    ज्ञान की ले- लो तलवार
    मानवता का हो संचार
    विश्व का हो कल्याण  ।


 





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