गुरु पूजा पर विशेष

            


गुरु वन्दना


गुरु पूजा का पर्व है आया


सब प्रेमी भक्तों में उत्साह छाया


गुरु पूजा का पर्व है आया


भक्तों के चित्त में गुरु समाया 


ज्ञान की गंगा सद्गुरु बहाते


ज्ञान गंगा में जो जन नहाते


सार शब्द जो जन अपनाते


कर्मों का बन्धन काट वो पाते 


प्रेमी के चित्त में गुरु बस जाते


गुरु चरणों का राज बताएँ 


सब तीर्थ धाम चरणों में समाएं  


चरणरज को लगा अपने मस्तक


पारब्रह्म का हो जाएगा दर्शन 


गुरु पूजा का पर्व है बहुत महान


गुरु महिमा का बखान ना होवे प्राणी 


ब्रह्म विष्णु शिव भी ना कर सके प्राणी 


आत्मा में धर ले गुरु का ध्यान


मुक्ति का खुल जाएगा द्वार प्राणी 


गुरु चरणों की सेवा से होगा कल्याण 


गुरु की पूजा आरती गा ले 


चार फलों से उनको रिझा ले


उनकी कृपा से घट में  उजाला


बजे बंसुरी मृदंग और झनकार


अमृत पान का मिल जा प्याला


गुरु सुमिरन में मन को लगा ले


हो जाए सब जीवों का कल्याण


🔵सुशीलारोहिला 


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