अलविदा प्रणव दा


 


 @ नरेश रोहिला 


भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन राष्ट्र के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी आने वाले लम्बे समय तक भरपायी नहीँ हो सकती। 84 वर्षीय प्रणव मुखर्जी पिछले कुछ समय से बीमार थे और सेना के आर आर अस्पताल में भर्ती थे जहां आज शाम उन्होंने अन्तिम सांस ली। पश्चिमी बंगाल से आने वाले प्रणव मुखर्जी कांग्रेस की उस पीढ़ी के नेता रहे जो कांग्रेस पार्टी के बाहर भी सभी के चहेते थे। करीब 40 तक साल तक संसद के सदस्य रहे प्रणव दा ने 2012 से 2017 तक देश के सर्वोच्च नागरिक यानि राष्ट्रपति के पद को सुशोभित किया। इससे पहले वे देश के वित्त मंत्री,रक्षामंत्री जैसे उच्च पदों पर रहे। प्रणव मुखर्जी में निर्णय लेने की अपूर्व क्षमता थी। कई फैसलों में इसकी झलक दिखाई दी। विशेष रूप से आतंकवाद के खिलाफ अपने निर्भीक निर्णयों के लिए वे जाने जाते हैं। चाहे मुंबई हमले का जिम्मेदार पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब हो या फिर संसद पर हमले का मास्टर माइंड अफजल गुरू हो। दोनों को सजा देने के मसले पर प्रणव दा ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।


उत्तराखण्ड से प्रणव मुखर्जी को विशेष लगाव रहा है। बतौर राष्ट्रपति वे उत्तराखंड की विधानसभा को सम्बोधित करने आये थे। आज जब प्रणव मुखर्जी नहीं रहे तब पूरा देश शोकाकुल है। कृतज्ञ राष्ट्र अपने ऐसे नेता, अपने रत्न को हमेशा याद रखेगा। भारत नमन की ओर से भारत रत्न प्रणव दा को शत नमन। 


देहरादून


पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणव मुखर्जी के निधन पर अनेक लोगों ने शोक प्रकट करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है।


बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे प्रणव : त्रिवेन्द्र रावत


 मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी बहुआ के धनी थे। राजनीति, वित्त, विधि आदि क्षेत्रों के वे विशेषज्ञ थे। अपने लम्बे सार्वजनिक व राजनीतिक जीवन में उन्होंने गहरी छाप छोड़ी है। वे कुशल प्रशासक और भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष थे। स्वर्गीय मुखर्जी  का देवभूमि उत्तराखंड के प्रति गहरा लगाव था। जब वे राष्ट्रपति थे तो उन्होंने उत्तराखण्ड विधानसभा को सम्बोधित किया था।


प्रणव मुखर्जी का हम लोगों के बीच से जाना समाज की अपूरणीय क्षति : प्रेमचंद 


 उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमचंद अग्रवाल ने भारत के 13वें राष्ट्रपति भारत रत्न श्री प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि प्रणब मुखर्जी का हम लोगों के बीच से जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।


विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक ऎसे नेता को खो दिया है जो हमेशा समाज में जमीनी स्तर से जुड़े रहे।वो बहुत कुशाग्र थे और उन्होंने पूरी तन्मयता के साथ विभिन्न पदों पर रहते हुए देश की सेवा की है।वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे साहित्यिक दक्षता, पत्रकारिता,असाधारण विवेक के धनी, एक राजनीतिज्ञ, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के कारण राजनीतिक क्षेत्र में वे सर्वप्रिय थे।उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है।


विधानसभा अध्यक्ष ने भगवान से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


सतपाल महाराज ने प्रणव मुखर्जी के निधन को अपूरणीय क्षति बताया  


पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।


पर्यटन मंत्री के मीडिया प्रभारी निशीथ सकलानी के अनुसार सतपाल महाराज ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके निधन को एक अपूर्णीय क्षति बताया है। श्री महाराज ने कहा कि उन्होंने हमेशा ही प्रजातांत्रिक और संसदीय मूल्यों को महत्व दिया। उन्होने कहा कि प्रणब दा को उत्तराखंड से बेहद लगाव था और वह बतौर राष्ट्रपति कई बार यहाँ आ चुके हैं। उन्होने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 18 मई 2015 को उत्तराखंड विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के सभी सदस्यों को भी संबोधित किया था। उनका वह सम्बोधन एक संसदीय शिक्षक के रूप में हमेंशा याद रखा जायेगा। 


निर्भीकता से निर्णय लेने के लिए याद


याद किये जाते रहेंगे : प्रीतम सिंह 


प्रदेश  कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिह ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिह ने अपने शोक संदेश में कहा है कि स्व0 डॉ प्रणब मुखर्जी  ने कई राजनैतिक पदों तथा केंद्रीय मंत्रि मण्डल में विभिन्न पदों पर रहते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर निर्भीकता से निर्णय लिए जिसके लिए वे सदैव याद किये जाते रहेंगे। श्री  सिंह ने कहा कि उनके निधन से देश की राजनीति का एक अध्याय समाप्त हो गया है। डॉ मुखर्जी का आकस्मिक निधन देश की राजनीति के लिए अपूर्णीय क्षति है। शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए उन्होने कहा कि पूरा कांग्रेस परिवार इस दुःख की घडी में उनके साथ है, हम सभी कांग्रेसजनों की प्रार्थना है कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांन्ति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति देवें।


कांग्रेस प्रदेश मंजू त्रिपाठी ने प्रणव दा के निधन पर शोक जताया


उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस सचिव श्रीमती मंजू त्रिपाठी ने भी भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति से दूर रहकर कार्य करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणव दा को देश सदैव याद रखेगा। 


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