स्वतंत्रता दिवस पर विशेष

 


आजादी की धुन



 


वर्षों सदियों की गुलामी 


भारतमाता की जकड़न


भाषा छीनी छीनी सभ्यता 


लालच का जहर पिलाया


व्यापारी भेष बनाया भारत


की धरा पर अपना पैर जमाया


 


   सत्य अहिंसा शांति का जय


  नाद हुआ क्रांति का स्वर फूँक 


  दिया स्वदेशी ब्रांड की लगी


  झड़ी खादी का हुआ प्रचार


  विदेशी माल पड़ा बेजान


  रानी का उखड़ा है ताज


  


   शहीदों के रक्त से लिखी 


   स्वतंत्र भारत की कहानी 


  15 अगस्त 1947 की बेला 


   एक नया इतिहास ले आई


   चहूंओर आजादी का पुष्प 


   खिला छाई है हरियाली 


 


   नवोदित भारत का निर्माण 


   सबका साथ सबका विकास 


   नेक धर्म की हो राजनीति 


   शिक्षा का ना हो व्यापार 


   सनातन धर्म का हो प्रचार


   राष्ट्रध्वजआत्मा है एक प्राण


 


    भारत माता का प्राण तिरंगे


    की शान अखण्डता भारत 


    की पहचान सद्भावना का


    सबके चित्त में हो जागरण 


    सत्य साम्राज्य आए भारत 


     में ऐसा हो निश्चय हमारा              


   🔴 सुशीला रोहिला, सोनीपत हरियाणा 


 


 


 


  


  


    


 


   


    


 


  


    


  


 


 


 


 


 


 


 


 


  निश्चय हमारा


    


 


  


    


  


 


 


 


 


 


 


 


 


 


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