कोरोना काल में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहा राष्ट्रीय सेवा योजना


राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर वर्चुअल बैठक  


एसके विरमानी /ऋषिकेश। राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस ,स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास तथा राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल वीरभद्र के संयुक्त तत्वाधान में वर्चुअल बैठक के माध्यम से स्वयं सेवकों को कोरोना महामारी से बचने और नई शिक्षा नीति पर सभी वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए|


     इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय, कार्यक्रम अधिकारी  रामगोपाल रतूड़ी, डॉ विजय पाल सिंह,  मनोज कुमार गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया|


     प्रधानाचार्य  राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना पूरे देश में कोरोना जैसी महामारी के समय उत्कृष्ट कार्य कर समाज को अच्छा संदेश दे रहे हैं| उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से इस महामारी से बचने की अपील की|


     इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीइल वीरभद्र के कार्यक्रम अधिकारी  विजय पाल सिंह ने कहा कि "2 गज की दूरी और मास्क भी जरूरी" यह स्लोगन हम को अपनाना है| जिससे हम इस वैश्विक महामारी से स्वयं को तथा अपने समाज को बचा सकते हैं|वक्ता क्रम में  मनोज गुप्ता ने नई शिक्षा नीति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा की अच्छी शिक्षा ही राष्ट्र की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है|


     कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास के अध्यापक रामगोपाल रतूड़ी ने कहा कि घर से ही अपने समाज तथा अपने आसपास के क्षेत्र को यह संदेश अवश्य दें कि कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए हमें 2 गज की दूरी के साथ-साथ अपने आसपास की साफ सफाई रखनी है तथा संतुलित आहार करते हुए अपनी इम्युनिटी को बढ़ाना होगा|


     वर्चुअल बैठक में राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल के प्रधानाचार्य  रमाकांत विश्वकर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति नए भारत के निर्माण तथा आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है तथा उन्होंने सभी स्वयं सेवियों को कोरोना महामारी से बचने के लिए समाज को जागरूक करने की अपील की| 


      इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता सतीश चौहान, नरेन्द्र खुराना ,मनोज पंत, विनय सेमवाल, संदीप कुमार, राजेश शर्मा, मीनाक्षी उनियाल, आरती बडोनी तथा वर्चुअल बैठक के माध्यम से दोनों विद्यालयों के लगभग 70-75 स्वयंसेवी जुड़े शामिल हुए|


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