ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर बहेगी गंगा की अविरल धारा


महापौर के भगीरथ प्रयासों से साकार होगा ड्रीम प्रोजेक्ट का सपना 


एसके विरमानी /ऋषिकेश। तीर्थ नगरी के लोगों के लिए खुशखबरी!केन्द्र सरकार से हर की पौड़ी की तर्ज पर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट को विकसित कराए जाने के ड्रीम प्रोजेक्ट कुंभ मेले के दृष्टिगत बनवाने की चिट्टी पेयजल सचिव द्वारा महानिदेशक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन दिल्ली प्रेषित कर दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द प्रोजेक्ट धरातल पर होगा और इस महत्वपूर्ण योजना के साकार होने के बाद 12 महीने अविरल गंगा त्रिवेणी घाट के समक्ष बहेगी। नगर निगम की ओर से पांच महत्वपूर्ण योजनाओं को तैयार कर शासन स्तर पर लंबी जद्दोजहद के बाद इसकी मंजूरी ली गई थी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन योजनाओं पर सहमति की मुहर लगाकर कुम्भ बजट के माध्यम से इन योजनाओं को पूर्ण करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। देवभूमि ऋषिकेश के लिए तैयार किए गए पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव में से चार पर सहमति की मुहर लग गई है।नगर निगम महापौर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेशवासियों का सपना रहा है कि हरिद्वार के हरकी पौड़ी की तर्ज पर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट को विकसित कराया जाये। इस सपने को साकार करने के लिए पिछले ढेड वर्ष से नगर निगम प्रशासन लगातार गंभीर कोशिशों में जुटा हुआ था। तमाम कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के पश्चात मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद इस महत्वकांक्षी योजना सहित तीन अन्य योजनाओं को तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया है, जिनमें ड्रीम प्रोजेक्ट सहित तीन अन्य योजनाओं पर सरकार ने अपनी सहमति की मुहर लगा दी है। उन्होंने बताया कि चंद्रभागा एवं गंगा नदी के संगम पर घाट विकास योजना, सरस्वती नाले की टैपिंग किए जाने के कारण क्षतिग्रस्त घाट एवं प्लेटफार्म के पुनर्निर्माण कार्यों सहित ऋषिकेश के आस्था पथ पर स्थित विभिन्न घाटों के पुनर्निर्माण कराए जाने की मंजूरी प्रदेश सरकार से मिल गई है जोकि अपने आप मे एक बड़ी उपलब्धि है।


यह काम करने का बजट लगभग ₹2970 लाख का होगा जो राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।


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