शिक्षक दिवस 5 सितंबर के अवसर पर विशेष

         


  जीवन पूंजी शिक्षक


 


  #सुशीलारोहिला, सोनीपत 


 


  आओ बच्चों तुम्हें सुनाए


   गुरु महिमा अपरम्पार है


   गु वर्ण तिमिर दिखलाता


  रु का अर्थ परम प्रकाश है


  वेद शास्त्र गीता रामायण 


  बताएँ गुरु की यह पहचान है


 


    गुरु आज्ञा में राज छिपा है 


    सत्य अहिंसा शांति बसती 


    सतनाम का ज्ञान कराएँ 


    शिष्य जो सेवार्थी बन जाए


    तीन लोक की संपदा पाए


    सुख शांति का भंडार है 


 


 


    बच्चे- बूढ़े-जवान ,निर्बल


   सबल, दीन- हीन कुष्ठी 


   कामिल, सुक्ष्म हो स्थूल 


   गज ग्राह चींटी चण्डाल 


   गुरु सीख सहज- सरल


   आत्मतत्व सबका है एक


 


    गुरु की सद्शिक्षा का चित्त


   में भरो खजाना ,हिन्दू -मुस्लिम 


   सिख-ईसाई का ना हो झगड़ा 


   साक्षरता फैले तत्वज्ञान की


   निरक्षरता मिट जाए दूराचार 


   गुरु ज्ञान का यही उपदेश 


 


 


    पांच सितंबर सन 1888 


    का था दिन सर्वपल्ली के 


    आगंन में जन्मा राधाकृष्ण 


    शिक्षा में शिक्षक की मिशाल 


    धर्म -संस्कृति में देहावसान 


    बाद मिला टेम्पलटन पुरस्कार 


 


     जीवन का सारथी शिक्षक 


     शिक्षा की करता नींव हरी


    सर्वपल्ली डाॅ राधाकृष्ण में 


    प्रखर आभा मिला राष्ट्र पति


  भारतरत्न शिक्षक लेखक पद


   शिक्षक दिवस मनाए सब मेरे 


   जन्मदिवस का यह है  रूप


   


    


      


     


 


     


 


   


    


     


   


 


   


 


    


    


    


 


 


 


 


 


  


 


 


   


    


  


 


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