श्रद्धापूर्वक सादगी से मनाया गया श्री गुरू नानक देव जी का पावन प्रकाश पर्व


संगत ने किया कीर्तन, मास्क बांटे गये


भारतनमन /देहरादून। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के तत्वावधान में श्री गुरु नानक देव जी का 551 वां पावन प्रकाश पर्व पूर्ण श्रद्धा पूर्वक सादगी से कथा कीर्तन कर मनाया गया l


गुरुद्वारा श्री गुरु नानक निवास पर आयोजित कार्यक्रम में नितनेम के पश्चात भाई गुरदियाल सिंह जी ने आसा दी वार का शब्द गायन किया l भाई सतवंत सिंह जी एवं भाई चरणजीत सिंह जी ने शब्द गायन कियाा। हैड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह जी ने श्री गुरु नानक देव जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जी का प्रकाश अप्रैल 1469 ईस्वी में हुआ था उन्होंने जात पात, ऊंच नीच को खत्म किया l


भाई कुलवंत सिंह तारा, पोंटा साहिब वालों ने शब्द गायन किया l दरबार श्री अमृतसर से पधारे भाई कारज सिंह जी ने शब्द "कल तारण गुरु नानक आया, एवं भाई हरजिंदर सिंह जी, खन्ने वालों ने शब्द "सतगुरु नानक परगटिया, मिटी धुंद जग चानन होया " का गायन कर संगतों को निहाल किया l


इस अवसर पर एक सौ मास्क बांटे, आने वाली संगतों के हाथ सेनेटाइज तथा स्क्रीनिंग की गई l संगतों डिस्टेंस मेन्टेन कर, सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया गया lमंच का संचालन सेवा सिंह मठारू ने किया l


इस अवसर पर प्रधान राजिंदर सिंह राजन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिंदर सिंह छाबड़ा,, सुरजीत सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, मनजीत सिंह, गुरबख्श सिंह राजन, कर्नल कुलवन्त सिंह, रजिन्दर सिंह राजा आदि उपस्थित थे।



गुरु पर्व पर महापौर गुरूद्वारा श्री गुरू सिंह सभा में मत्था टेका, शहर की खुशहाली के लिए कराई अरदास 


एसकेविरमानी /ऋषिकेश। श्री गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाशोत्सव तीर्थ नगरी में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में दिन भर रागी जत्थों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। कोरोना काल के चलते बेहद सादगीपूर्ण माहौल में आयोजित हुए गुरु पर्व के दौरान इस वर्ष गुरु महाराज का लंगर तो नही बरता गया लेकिन फिर भी गुरुद्वारे में अमृत संचार हुआ।


लोगों से गुरू नानक देव के आदर्शों पर चलने का आह्वान 


महापौर अनिता ममगाई ने भी संगतों सहित गुरुद्वारा परिसर में मत्था टेक शहर की खुशहाली के लिए अरदास कराई।इस मौके पर महापौर ने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाशोत्सव देेेश और दुनियाभर मेें सिर्फ सिख समाज ही नहीं बल्कि मानवता तथा इंसानियत को मानने वाले दुनिया भर के लोग आज मना रहे हैं।



उन्होंनेे गुरु नानक जी को नमन करतेे हुए आमजनमानस सेे उनके बनाये गये सिद्धांतों व उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान भी किया। इससे पूर्व गुरुद्वारा परिसर पहुंची महापौर का गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की ओर से सम्मान भी किया गया।


गुरुद्वारे में आयोजित दोपहर के दीवान में सरदार गोविंद सिंह ,गुरबचन सिंह, मंगा सिंह, सरदार इंद्रपाल सिंह, सरदार मक्खन सिंह, सरदार तेजिंदर सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह,कृपाल सिंह ,बूटा सिंह ,अजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, जसविंदर सिंह, अमनदीप सिंह ,प्रदीप सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



 सिंह सभा गुरूद्वारा की चारदीवारी के लिए प्रेमचंद अग्रवाल ने की विधायक निधि से 5 लाख देने की घोषणा 


एसकेविरमानी /ऋषिकेश 30 नवंबर l गुरु नानक जयंती के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष  प्रेम चंद अग्रवाल  ने गुरु सिंह सभा ऋषिकेश के गुरुद्वारे में जाकर माथा टेका व प्रदेश के खुशहाली की कामना की l इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पाच लाख रुपए विधायक निधि से गुरुद्वारे की चारदीवारी बनाने की घोषणा भी की।


      गुरु पर्व के अवसर पर श्री गुरु सिंह सभा ऋषिकेश द्वारा आयोजित कीर्तन दरबार के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि गुरु नानक जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए अपने जीवन व परिवार का सुख को त्याग कर दूर-दूर की यात्राएं की एवं समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने का कार्य किया ।


    उन्होंने कहा है कि समाज में आध्यात्मिक एवं मानवता निर्माण हो इसलिए उपेक्षित, वंचित समाज को समाज में सम्मान मिले एवं भरपेट अन्न प्राप्त हो सके इसलिए उन्होंने लंगर की व्यवस्था की जिससे लोगों को भोजन प्राप्त हो सके ।



    इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा है कि मानव का कल्याण एवं सभी जातियों को सम्मान मिल सके महिला सशक्तिकरण आगे बढ़ सके इस ओर भी श्री गुरु नानक जी ने कार्य किया ।


      श्री अग्रवाल ने कहा है कि आज न केवल प्रदेश बल्कि देश एवं विश्व में गुरु नानक जयंती मनाई जा रही है । श्री अग्रवाल ने कहा है कि कार्तिक पूर्णिमा का भारत की संस्कृति में विशेष महत्व है ।


       इस अवसर पर गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार गोविंद सिंह, उपाध्यक्ष गुरबचन सिंह, मंगा सिंह, सचिव सरदार इंद्रपाल सिंह, सरदार मक्खन सिंह, सरदार तेजिंदर सिंह, सरदार बूटा सिंह, सरदार राजेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह , गुरुवीर सिंह, श्यामसुंदर आदि सहित बड़ी संख्या में सिख समुदाय के गणमान्य लोग उपस्थित थे ।


 


 


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