विस अध्यक्ष ने किया राजकीय महाविद्यालय में 4जी संचार सेवा का उदघाटन

एनसीसी कैडेट को विवेकाधीन कोष से 1.50 लाख देने की घोषणा भी की 

 एसके विरमानी /ऋषिकेश 9 दिसंबरl विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने आज ऋषिकेश स्थित पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय महाविद्यालय में 4G संचार सेवा का विधिवत उद्घाटन किया l

     इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को एक लाख 50 हजार रुपये विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से देने की घोषणा भी की, साथ ही श्री अग्रवाल ने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले महाविद्यालय के 2 कैडेट्स को दस - दस हजार रुपये देने की घोषणा की ।

    श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सूचना तकनीकी के युग में संचार के माध्यमों की अत्यंत मांग बढ़ी है ऐसे में प्रदेश के सभी महाविद्यालयों को 4G कनेक्टिविटी से जोड़ने का अभियान जारी है आज इसी श्रृंखला में पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय महाविद्यालय को 4G कनेक्टिविटी से जोड़ा गया जिससे छात्र छात्राओं को लाभ होगा ।

     श्री अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण ने भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व को नए सिरे से सोचने पर विवश कर दिया ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने छात्र छात्राओं को पठन-पाठन में आने वाली समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए प्रत्येक महाविद्यालय को 4G नेटवर्क से जोड़ने का जो संकल्प लिया है इससे छात्र छात्राओं को अत्यंत लाभ होगा । इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा है कि 4G नेटवर्क से छात्र छात्रा तकनीकी का सदुपयोग करते हुए आधुनिक सुविधाओं से जुड़ेंगे ।

     इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष  प्रेम चंद अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को इंस्ट्रूमेंट खरीदने हेतु विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से डेढ़ लाख रुपए की घोषणा भी की। साथ ही श्री अग्रवाल ने प्रतिभावान एनसीसी कैडेट्स को 41 हजार रुपये के चेक भी वितरित किए।

       कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के पूर्व निदेशक डॉ एनके महेश्वरी, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो सुधा भारद्वाज, भाजपा के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, श्यामपुर के मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, डॉ अंजू भटट, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ रूबी तबस्सुम, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप शर्मा, पूर्व छात्र संघ विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नितिन सक्सेना, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक शर्मा, बलविंदर सिंह , कौशल बिजलवान, डॉ बीके गुप्ता, जय कृष्ण, आशीष जोशी, आदि सहित अनेक लोग उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन डॉ, दयाधर दीक्षित ने किया ।

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