निर्माण कार्यों में गडबड़ी पर विधानसभा अध्यक्ष बिफरे, एसई को फोन कर तुरंत काम रूकवाया

 


प्रेमचंद अग्रवाल ने किया आस्थापथ के सुमानी घाट पर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण 

एसके विरमानी / ऋषिकेश 28 दिसंबर।ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुम्भ निधी से सिंचाई विभाग के द्वारा 11 करोड़ 57 लाख 65 हजार की लागत से आस्था पथ पर पुनरुद्धार एवं बाढ़ सुरक्षा का निर्माण कार्य चल रहा है।उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमचंद अग्रवाल ने आज मौके पर आस्था पथ के सुमानी घाट पर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी होने पर कार्य को रोकने के निर्देश दिए साथ ही विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही के लिए जमकर अधिकारियों को फटकार भी लगायी।



विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आज आस्था पथ पर सुमानी घाट पर बाढ़ सुरक्षा कार्य का जायजा लिया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी होने पर मौके पर ही सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आर के तिवारी को फोन पर ही काम रुकवाने के आदेश दिए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर सख्त नाराजगी व्यक्त की।



मौके पर निरिक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने देखा कि सुमानी घाट पर बाढ़ सुरक्षा ब्लॉक लगवाए जा रहे थे जो कि पानी में ही ब्लॉक कंकरीटिंग का कार्य किया जा रहा था।विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत ही कार्य को रुकवाने एवं पानी में लगे ब्लॉक कंक्रीट तोड़ने के निर्देश दिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पानी में ही ब्लॉक कंकरीटिंग बनवाने से वह बिलकुल भी टिकेगा नहीं। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद मजदूर से जानकारी ली तो पता चला कि निर्माण कार्य में पंद्रह/एक का मसाला प्रयोग किया जा रहा है जबकि मानकों के अनुसार बाढ़ सुरक्षा कार्य में छ/एक का मसाला प्रयोग किया जाना है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर ही अधीक्षण अभियंता को मानकों की अनदेखी किए जाने एवं कार्यों में लापरवाही बरतने के लिए अपनी नाराजगी व्यक्त की।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि निर्माण कार्य में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी अन्यथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

अवगत करा दें कि विगत दिनों विधानसभा अध्यक्ष ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए भी अधिकारियों को हिदायत दी थी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए फिर भी आज मौके पर निरीक्षण करने के बाद विभाग एवं संबंधित ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती गई।

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