मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने ली ऋषिकेश - कर्णप्रयाग रेललाइन परियोजना को लेकर बैठक

भारतनमन की ओर से नववर्ष आगमन की शुभकामनाएं 



  भारतनमन / देहरादून। मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना के सम्बन्ध में रेल विकास निगम लिमिटेड और शासन के मध्य बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने चमोली एवं रूद्रप्रयाग जनपदों को प्रोजेक्ट एरिया को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए जाने हेतु शीघ्र कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को प्रशासनिक व्यय की आवंटित धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र राजस्व विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराये जाने के भी निर्देश दिए।

      मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने जिलाधिकारियों को रेल विकास निगम लिमिटेड के साथ समन्वय बनाकर हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि अवशेष कार्य को जल्द से जल्द टाईमलाईन सहित पूर्ण कर लिया जाए साथ ही कार्यों में गुणवत्ता, गति एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाय।

        इस अवसर पर रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं सम्बन्धित विभागों से उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

भारतीय मानक ब्यूरो राज्य स्तरीय समिति की भी बैठक 

उपभोक्ता संरक्षण को लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाएं: सीएस

   इसके साथ ही   मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश की अध्यक्षता में गुरूवार को सचिवालय में भारतीय मानक ब्यूरो की राज्य स्तरीय समिति की द्वितीय बैठक भी सम्पन्न हुयी। 

बैठक में मुख्य सचिव ने उपभोक्ता संरक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार आयोजित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समिति की बैठक को प्रत्येक वर्ष दिसम्बर माह के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाए।

       मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड अर्थक्वेक प्रोन जोन 4 एवं 5 में शामिल है। भवनों के निर्माण में मानकीकरण हेतु लोक निर्माण विभाग, आवास विभाग एवं भारतीय मानक ब्यूरो के प्रतिनिधि की समिति बनायी जाए। यह समिति 03 माह में अपनी संस्तुतियां देगी। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों में क्षमता निर्माण हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हेतु भी प्रत्येक वर्ष अप्रैल व मई माह में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के भी निर्देश दिए।

      मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता के लिए मानक का कार्यान्वयन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिन स्थानों पर पानी की सप्लाई व्यवस्था पुरानी होने के कारण ऐसी समस्याएं आ रही हैं। उन स्थानों पर सप्लाई व्यवस्था में सुधार होने तक जल प्यूरीफिकेशन की व्यवस्था की जाए।

       मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के ग्रोथ सेंटर बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ग्रोथ सेंटर एवं स्टार्ट-अप के उत्पादों को सर्टिफिकेशन की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यदि ग्रोथ सेंटर आदि के उत्पादों को सर्टिफिकेशन मिल जाता है तो इससे उनकी मार्केटिंग के अवसर बढ़ेंगे। उनमें आत्म विश्वास भी जागृत होगा।

        इस अवसर पर सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री एस.ए. मुरूगेशन एवं भारतीय मानक ब्यूरो से श्री सुधीर बिश्नोई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

टिप्पणियां