किसान नेता राकेश टिकैत के ब्राह्मण विरोधी बयान की निंदा



ब्राह्मण समाज महासंघ की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श 

भारतनमन /देहरादून, 28 दिसम्बर। उत्तराखंड के दस ब्राह्मण संगठनो के संयुक्त शीर्ष संगठन "ब्राह्मण समाज महासंघ" की बैठक में एक स्वर में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के ब्राह्नणों के विरुद्ध की गई अपमानजनक, घृणाभरी,अभद्रभाषा, आपत्तिजनक शब्दावली, लिस्ट बनाकर इनसे हिसाब किताब लेने की सरेआम धमकी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। 



बैठक में तय किया गया कि उक्त प्रस्ताव  जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधामनंत्री , मुख्यमंत्री उ.प्र. व उत्तराखंड, को आवश्यक दण्डात्मक कानूनी कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जाए।  उक्त संयुक्त बैठक अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सौजन्य से स्थानीय मनभावन पैलेस में सम्पन्न हुई। 

बैठक की अध्यक्षता महासंघ के मुख्य संयोजक ओ.पी.वशिष्ठ ने की। संचालन महासचिव अरुण कुमार शर्मा ने किया। बैठक में महासंघ ने वर्ष 2020 में किये गए ब्राह्मण हितकारी कार्यक्रमों का पुनरावलोकन व समीक्षा करते हुए वर्ष 2021 हेतु संकल्प लिए। बैठक में उत्तराखंड शासन व प्रशासन की निंदा की गई, क्योंकि पीएमओ कार्यालय से दो बार जांच के आदेश आने पर भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। 



उल्लेखनीय है कि महासंघ द्वारा कई माह पूर्व जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को प्रेषित किया था, जिसमें स्थानीय विधायक व एक मन्त्री के द्वारा कोविड महामारी की अनदेखी करते हुए भगवान श्री हनुमान जी की आरती का भौतिक व्यक्ति के लिए आरती के शब्दों से छेड़छाड़ करते हुए दुरूपयोग किया गया था। 

इस सम्बंध में मुख्य सचिव  से भेंट कर स्मरणपत्र देने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त कई एक मुद्दों पर भी विचार विमर्श हुआ। बैठक के आयोजक  मनमोहन शर्मा ने महासंघ के सभी संयोजकगणों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।                       बैठक में ब्राहमणो के दस शीर्ष संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी सर्वश्री ओ.पी.वशिष्ठ, एस पी पाठक, अरुण कुमार शर्मा, डॉ. वी.डी. शर्मा, राजेन्द्र व्यास, शशि शर्मा, राज कुमार शर्मा, राजेश शर्मा, हरि कृष्ण शर्मा, मनमोहन शर्मा, पं. राम प्रसाद गौतम, थानेश्वर उपाध्याय, एस पी बहुगुणा, मधुसूदन सुंदरियाल, अरविंद कुमार शर्मा, प्रमोद मेहता, उमेश कौशिक आदि उपस्तिथ थे।

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