किसान नेता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ का पीएम और उप्र के सीएम को ज्ञापन

भारतनमन / देहरादून, 02 जनवरी । किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत द्वारा किसान आंदोलन के मंच से ब्राह्मण जाति के प्रति घृणा भरी, अभद्र भाषा व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने पर आवश्यक दण्डात्मक कार्यवाही की मांग को लेकर राजधानी के ब्राह्मण संगठनों के संयुक्त मंच "ब्राह्मण समाज महासंघ" द्वारा प्रधानमंत्री  व मुख्यमंत्री उ.प्र. को सम्बोधित एक ज्ञापन जिला अधिकारी देहरादून को सौंपा।         

ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, किंतु किसी जाति विशेष, व्यक्ति विशेष, समूह विशेष के प्रति आपत्तिजनक, अशोभनीय, घृणास्पद शब्दों की छूट संविधान नहीं देता। 

उत्तराखंड के 10 ब्राह्मण संगठनों की संयुक्त शीर्ष संस्था "ब्राह्मण समाज महासंघ" उत्तराखंड की  27-12-2020 को देहरादून में संपन्न हुई बैठक में एकमत से सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने  राकेश टिकैत के उपरोक्त ब्राह्मण विरोधी घृणास्पद, विद्वेषपूर्ण, असभ्य, आपत्तिजनक, असंवैधानिक शब्दावली के प्रयोग के प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया और केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि अविलंब  राकेश टिकैत के इस निंदनीय व्यवहार के विरुद्ध उचित कार्यवाही हो और नियम अनुसार दंड दिया जाए। हम आशा करते हैं कि आप उपरोक्त घटना और विषय की निष्पक्ष रुप से बिना किसी भेदभाव के और संविधान में प्रधान मूलभूत अधिकारों के आधार पर ब्राह्मण जाति पर हुए शाब्दिक हमले पर उचित कार्यवाही शीघ्र करेंगे ताकि ब्राह्मण समाज को आगे कोई और कार्यवाही प्रतिक्रिया या आंदोलन इस विषय पर ना करना पड़े। 

ज्ञापन देने वालों में महासंघ के मुख्य संयोजक ओपी वशिष्ठ, उपमुख्य संयोजक एस.पी. पाठक, महासचिव अरुण कुमार शर्मा, प्रचार सचिव/प्रवक्ता डॉ. वी.डी. शर्मा, सहसचिव वित्त हरिकृष्ण शर्मा शामिल थे।

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