दून में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन



पुलिस विभाग की प्राथमिकताओं के प्रति सकारात्मक  दृष्टिकोण अपनाएंगे :त्रिवेन्द्र 

संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में काफी काम हुआ : डीजीपी 


भारतनमन / देहरादून। पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड देहरादून में डेढ़ दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन (Police Officers Conference) की शुरूआत हुई जिसमें समस्त फील्ड अधिकारी (जनपद प्रभारी,सेनानायक, शाखा एवं इकाई प्रभारी) परिक्षेत्र प्रभारी, प्रधानाचार्य एटीसी /पीटीसी, एसटीएफ, जीआरपी, सीआईडी, अभिसूचना एवं पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मिलित हुए।



सम्मेलन की शुरूआत करते हुए  अशोक कुमार पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने इन 20 वर्षों में काफी कुछ हासिल किया है। हमारे infrastructure बेहतर हुए हैं। संवेदनशील पुलिसिंग की ओर भी काफी काम हुआ है परंतु अभी भी हमें काफी कुछ हासिल करना बाकी है। उत्तराखण्ड पुलिस को SMART (S-Sensitive & Strict, M-Modern with Mobility, A-Alert & Accountable, R- Reliable & Responsive, T-Trained & Techno-Savvy) Police बनाने ऑपरेशनल प्रशासनिक और मॉर्डनाइजेशन के स्तर को बढ़ाने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया है।



सम्मेलन के पूर्वाहन सत्र में समस्त फील्ड अधिकारियों ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया। प्रस्तुतिकरण में किये जा रहे कार्यों उनमें आ रही चुनौतियां भविष्य की कार्ययोजना शासन एवं पुलिस मुख्यालय से आवश्यकता के सम्बन्ध में अपने विचार रखे। जिस पर विचार-विमर्श एवं मंथन हुआ। पुलिस मुख्यालय ने अपने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से स्मार्ट पुलिसिंग पुलिस की दक्षता को बढ़ाने पीड़ित केन्द्रित पुलिसिंग महिलाओं नाबालिगों एवं बुजुर्गो के प्रति पुलिस को और अधिक संवेदनशील बनाये जाने पुलिस प्रशिक्षण को और अधिक संवेदनशील बनाए जाने पुलिस के बुनियादे ढ़ाचे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया।

अपराह्न सत्र में मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह  ने सम्मेलन में प्रतिभाग किया। श्रीमती रिधिम अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पी/एम उत्तराखण्ड ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विगत वर्षों में उत्तराखण्ड पुलिस की उपलब्धियों, ड्रग्स एवं साईबर क्राईम के सम्बन्ध में किये जा रहे Enforcement और Awareness कार्यों एवं पुलिस के शासन स्तर के मुद्दों से  मुख्यमंत्री  को अवगत कराया।



सम्मेलन में  मुख्यमंत्री  ने पुलिस अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा- आज यहां पुलिस मुख्यालय में आप लोगों की वार्षिक गोष्ठी में प्रतिभाग करने का मुझे अवसर प्राप्त हुआ है। सर्वप्रथम इस आयोजन के लिए मैं पुलिस महानिदेशक को बधाई देता हॅू और आशा करता हॅू कि इस गोष्ठी के दौरान हुए विचार-विमर्श के फलस्वरूप  सरकार की प्राथमिकताओं और हमारे प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप हमारी पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और बेहतर करने में सफल होंगे। विगत वर्षों में पुलिस विभाग की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं और बहुत अच्छे अनावरण भी किये जैसे किडनी रैकट एवं ईश्वरन डकैती के अभियुक्तों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भी आप इसी निष्ठा और ऊर्जा के साथ पुलिस की कार्य-प्रणाली में निरन्तर सुधार करते रहेंगे। राज्य गठन के पश्चात् उत्तराखण्ड पुलिस की जनशक्ति व अन्य संसाधनों में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। मैं यहां उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों को विश्वास दिलाता हॅू कि आने वाले वर्षों में हम पुलिस विभाग की प्राथमिकताओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनायेंगे। आगामी महाकुम्भ को सुरक्षित सम्पन्न कराना हमारे लिए चुनौती है। मुझे विश्वास है कि उत्तराखण्ड पुलिस इस चुनौती का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगी। अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत एवं किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर सम्बन्धित पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना आवश्यक है, जिससे जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही एवं संवेदनशीलता बढ़े।

प्रदेश की सरकार और जनता को उत्तराखण्ड पुलिस से बहुत आशाएं हैं। मैं आप सभी से उम्मीद करता हॅू कि आप इस कसौटी पर खरे उतरेंगे और आने वाले वर्षों में अपने सकारात्मक कार्यों से प्रदेश की जनता में सुरक्षा की भावना पैदा कर उनका विश्वास जीतेगें। कुछ ही दिनों में कुम्भ मेला भी अपने चरम पर होगा। मैं कामना करता हॅू कि इस वृहद आयोजन को निर्वाध सम्पन्न कराने में हमारी पुलिस का प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी भरसक प्रयत्न करेगा।

 मुख्यमंत्री  द्वारा निम्न बिन्दुओं पर सैद्धान्तिक सहमति व्यक्त की गयी-

1. प्रदेश की पांच जनपदों (पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़) की पुलिस लाईनों के उच्चीकरण।

2. नशे के विरूद्ध Enforcement एवं Awareness की कार्यवाही को बढ़ाते हुए एंटी ड्रग्स पॉलिसी बनायी जाएगी।

3. पुलिस मुख्यालय हेतु नए भवन के निर्माण हेतु सहमति दी गयी ।

4. पुलिस की मोबिलिटी बढ़ाने एवं रिस्पांस टाइम अच्छा करने हेतु नए वाहन उपलब्ध कराये जायेंगे ।  

5. आईआरबी की तीसरी बटालियन गैरसैंण में स्थापित की जाएगी।

6. जवानों को वर्दी के स्थान पर वर्दी भत्ता प्रदान किये जाने पर सहमति ।

7. स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट स्कीम के अंतर्गत छात्रों को यूनिफार्म प्रदान की जाएगी ।

8. RWD को पुलिस के लिए नोडल निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया ।

9. अपराधियों की गिरफ्तारी एवं महत्वपूर्ण अभियोगों के अनावरण में पुरुस्कार राशि में बढ़ोत्तरी ।

10. पुलिस के लिए वार्षिक हैलीकॉपटर सेवा के घंटे तय किये जांएगे।

11. चार ट्रैफिक पुलिस लाईन (ऊधमसिहनगर-2, देहरादून-1, हरिद्वार-1) की स्थापना।

12. बालावाला, देहरादून में साईबर फोरेंसिक लैब की स्थापना पर सहमति ।

13. पीएसी के चुतर्थ श्रेणी कर्मियों को कांस्टेबल ट्रेड मैन पद पर परिवर्तित करने पर विचार किया जाएगा ।

14. पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों में अतिथि प्रशिक्षकों को ATI के अनुरूप मानदेय दिए जाने पर सहमति।

इस अवसर पर  ओमप्रकाश, मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड, नितेश झा, सचिव गृह, उत्तराखण्ड, श्रीमती राधिका झा, सचिव, माननीय मुख्यमंत्री, श्रीमती सौजन्या सचिव, वित्त एवं निर्वाचन, श्री पराग धकाते, विशेष सचिव माननीय मुख्यमंत्री, श्री पीवीके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक, सीआईडी/पीएसी, श्री अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, श्री अमित सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम, श्री वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, कुम्भ, श्री ए पी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा, श्री पूरन सिंह रावत, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण, श्री पुष्पक ज्योति, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, सहित समस्त फील्ड अधिकारी (जनपद प्रभारी,सेनानायक, शाखा एवं इकाई प्रभारी) परिक्षेत्र प्रभारी, प्रधानाचार्य एटीसी /पीटीसी, एसटीएफ, जीआरपी, सीआईडी, अभिसूचना एवं पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


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