कलयुग में हरिनाम संकीर्तन ही भवसागर पार लगाने वाला:असंगानन्द महाराज



प्रेमवर्णी आश्रम में विराट संत सम्मेलन का आयोजन 

एसके विरमानी / ऋषिकेश। लक्ष्मण झूला स्थित प्रेम वर्णी आश्रम में विराट संत सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी असंगानन्द जी महाराज परमाध्यक्ष परमार्थ निकेतन आश्रम कार्यक्रम का संयोजक प्रेम वर्णी महाराज जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन शंकराचार्य परिषद उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री जी द्वारा किया गया

विराट संत सम्मेलन में महामंडलेश्वर असंगानन्दजी महाराज ने कहा कि संत समागम हरि कथा मिले ना बारंबार इस कलिकाल में संतों का जहां भी सत्संग भजन कीर्तन हो रहा हो, जनमानस को बड़ी प्रेम और श्रद्धा के साथ श्रवण करना चाहिए। कलयुग में हरि नाम संकीर्तन ही भवसागर से पार लगाता है। आज के परिवेश में हम अपने आपको को भौतिकता में खो चुके है। उन्होंने कहा कि अज्ञानता के कारण अध्यात्म से दूर होकर मानव राक्षस प्रवृत्ति में प्रवेश कर रहा है लेकिन संतों का धर्म मानव मात्र को सन्मार्ग में पुनः स्थापित करना और उन्हें धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाना है। 



प्रेम वर्णी महाराज जी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना के द्वारा हम युवाओं को नशा मुक्ति से दूर कर उन्हें आध्यात्मिक वातावरण में योग के साथ-ही उन्हें आध्यात्मिक मार्ग में चलने का अवसर दे सकते हैं क्योंकि युवा ही हमारे देश का भविष्य है उन्हीं युवाओं में से कोई संत बनता है कोई मिनिस्टर बनता है कोई आध्यात्मिक गुरु और कोई सामाजिक कार्यकर्ता साबित होता है। इसी परिप्रेक्ष्य में विश्व कल्याण के लिए इन सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है जिससे वसुधैव कुटुंबकम की भावना को लेकर हम सर्वे भवंतु सुखिनाह कह कर सभी का मार्गदर्शन कर सभी को सुख शांति समृद्धि की कामना करते हुए मानव जगत में रहने वाले मनीषियों को सद मार्ग पर चलने का शुभ अवसर प्राप्त करवाएं वही संत है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर दयाराम दास जी महाराज निकेतन के संचालक विजयानन्द सरस्वती जी महाराज श्री महंत स्वामी शंकर तिलक जी महाराज गंगेश्वरा नंन्द जी महाराज पवन कुमार मिश्र अभिषेक शर्मा आदि लोग उपस्थित थे। पंडित रवि शास्त्री ने बताया कि संत समाज नशा मुक्ति एवं पर्यावरण की स्वच्छता के लिए युवाओं को साथ लेकर सनातन धर्म की ध्वजा के साथ कार्य करेगा। इस मुहिम में शंकराचार्य परिषद एवं सामाजिक व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर संत समाज घर घर जाकर अध्यात्मिक सम्मेलन करेगा जगह-जगह जनचेतना अभियान भी करेगा

इस अवसर पर स्वतंत्रता चैतन्य गौरी चैतन्य शंकरी चैतन्य पवित्रता चैतन्य बुद्धा घोषा शिवा साधक उमाया साध्वी अभिषेक शर्मा भी मौजूद रहे। 

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