विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार


भारतनमन /देहरादून।  देहरादून पुलिस ने विदेश में नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी नाम पते व फर्जी कार्यालय(फास्ट वे टूर एन्ड ट्रैवल्स) खोल कर कई लोगों से उनके पासपोर्ट अपने पास रखकर लाखों रुपये धोखाधड़ी करने वाले, अन्तराज्यीय गिरोह के शातिर सरगना को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

 मिली जानकारी के अनुसार गत 08/12/2020 को थाना कोतवाली कैन्ट पर  रविन्द्र सिंह निवासी सोसाइटी  एरिया क्लेमेन्टाउन देहरादून ने लिखित तहरीर दी कि निर्मल सिंह व राजपाल सिंह की फास्ट वे टूर एन्ड ट्रैवल नाम से बल्लूपुर चौक देहरादून में विदेश भेजने व विदेशो में नौकरी दिलाने की फर्म है। जिसमें निर्मल सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर वादी को सिंगापुर में इन्टर कान्टिनैन्टल होटल एन्ड रिसोर्ट में एकाउन्ट आँपरेटर की जाब दिलाने के नाम पर रुपये 40,000/- नकद लिये व रु0 60,000/- चैक के माध्यम से धोखाधड़ी की गयी है जिसके आधार पर धारा 420/406 भा0द0वि0 में अभियोग पंजीकृत किया गया था।  विवेचना के दौरान अभियोग में धारा 467/468/471 भा0द0वि0 की बढ़ोतरी की गयी एवं विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि निर्मल सिंह व उसके साथियो द्वारा करीब 30-40 लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 20-25 लाख रुपये लेकर व उनके पासपोर्ट आदि कागजात अपने पास रखकर उनको विदेशी कम्पनियों के फर्जी नियुक्ति पत्र व फर्जी वीजा देकर धोखाधड़ी कर दो माह में ही अपना कार्यालय बन्द कर फरार होना पाया। पीड़ित  लोगों द्वारा थाना कैन्ट में उक्त सम्बन्ध शिकायतें दर्ज कि फर्जी तरीके से लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर लोगों के पासपोर्ट जप्त करने सम्बन्धित धोखाधड़ी के गम्भीर प्रकरण को देखते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार व पुलिस अधीक्षक नगर  व क्षेत्राधिकारी मसूरी के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कैन्ट के निर्देशन में व0उ0नि0 के नेतृत्व में सफल विवेचना व गिरफ्तारी हेतु टीम नियुक्त की गयी। पुलिस टीम द्वारा पीड़ितों से पूछताछ व प्राप्त फर्जी अभिलेखों व अभियुक्तगणों के मोबाईल नम्बरों व बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया गया व जाँच की तो पाया कि निर्मल सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी उगो मोगा पंजाब जो उक्त अभियोग का मुख्य अभियुक्त है का नाम पता फर्जी है व मोबाईल नम्बर भी जो अभियुक्तगण प्रयोग कर रहे थे सारे फर्जी हैं। अभियुक्तगणों द्वारा शातिराना तरीरे से अपना नाम-पता बदल कर फर्जी परिचय पत्र बनाकर व फर्जी मोबाईल नम्बरों का प्रयोग कर फर्जी कार्यालय देहरादून में खोला। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि निर्मल नाम की आई0डी0 से जिस व्यक्ति द्वारा देहरादून में कार्यालय खोला गया था उसका असली नाम लक्ष्मी नारायण उर्फ बिनोद उर्फ निर्मल सिह पुत्र सुरेश निवासी वार्ड नं0 1 रेलवे रोड ग्राम कलायत थाना कलायत जिला कैथल हरियाणा है व जिसके द्वारा हरियाणा पंजाब चंडीगढ़ में कई जगह कार्यालय बनाकर कई लोगों से विदेश भेज कर नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की गयी थी। पुलिस टीम द्वारा अथक प्रयास व अपने पुख्ता सूचना तन्त्र के आधार पर 02/03/2021 को अभियुक्त लक्ष्मी नारायण उर्फ बिनोद उर्फ निर्मल सिह पुत्र सुरेश निवासी वार्ड नं0 1 रेलवे रोड ग्राम कलायत थाना कलायत जिला कैथल हरियाणा के कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से मुकदमा सम्बन्धी फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुये है।

पूछताछ का विवरण 

 अभियुक्त ने पूछताछ मे बताया कि मै चौथी फेल हूँ व मेरी नाई बिरादरी है । व अपने गाँव मे ही मै नाई का कार्य करता हूँ मेरी मुलाकत पिछले वर्ष चण्डीगढ मे विक्की उर्फ लखविन्दर नाम के व्यक्ति से हुयी जो लोगो को विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम एठता था तथा विक्की व हमने यमुना नगर मे अपना आँफिस BRIGHT VISION के नाम से खोला था व कुछ समय बाद वहाँ से आँफिस बन्द कर दिया उसके बाद विक्की व हमारे द्वारा मार्च 2020 मे हिसार हरियाणा मे S U 100 अर्बन स्टेट पुष्पा काँम्प्लेक्स के पास ब्लैक बैरी बील्डिंग के समीप मेहता जी की बील्डिंग के तीसरे फ्लोर पर DREAM 7 टूर एण्ड ट्रैवल के नाम से अपना आँफिस खोला था यहाँ पर हमने हरियाणा व पंजाब के लोगो को विदेश मे नोकरी पर भेजने के नाम पर लोगो के पासपोर्ट व धनराशि लेकर फर्जी कागजात दिये थे । इसी आँफिस मे निर्मल सिह पुत्र वीर सिह निवासी उगो मोगा पंजाब का पासपोर्ट हमारे द्वारा मूल रुप से लिया गया व उसे विदेश सिंगापुर मे नौकरी पर भेजने की बात पर उसने मूल पासपोर्ट व आधार कार्ड हमे दिया परन्तु लाँक डाउन होने के कारण हमे हिसार मे आँफिस बन्द करके भागना पडा इसके बाद देहरादून मे मैने व मेरे साथियो ने हिसार मे निर्मल सिह के मूल पासपोर्ट व आधार कार्ड को अपना दर्शाकर देहरादून मे निर्मल सिह के नाम से फास्ट वे टूर एण्ड टैवल नाम से एक कम्पनी खोली व जिसमे मैने सबको अपना नाम निर्मल सिह बतौर डाइरेक्टर बताया था । व बतौर आई0डी0 निर्मल सिह का पासपोर्ट व आधार कार्ड फर्जी तरीके से बनाकर लगाया था । मैने बल्लूपुर चौक पर निर्मल सिह के फर्जी पासपोर्ट व आधार कार्ड से निर्मल सिह के रुप मे एक आँफिस किराये पर लिया जिसका बकायदा मकान मालिक से किराए का एग्रीमेन्ट हुआ जो मैने करवाया था व जिस पर मेरा नाम निर्मल सिह पुत्र वीर सिह था उस एग्रीमेन्ट मे मैने अपनी फोटो भी लगायी थी मैने अपना वास्तविक नाम किसी को नही बताया था व निर्मल सिह का फर्जी आधार कार्ड व मैने अपनी पासपोर्ट साइज की वास्तविक फोटो लगायी थी । आधार कार्ड व पासपोर्ट पर स्पष्ट फोटो नही दिखने से कोई मेरे पर संदेह नही कर सका मैने अपना असली नाम किसी को नही बताया था उक्त आँफिस मे बतौर डाइरेक्टर मैने फास्ट वे टूर एण्ड ट्रैवल की कम्पनी का आँफिस खोला जिसमे विक्की उर्फ लखविन्दर सिह पुत्र गुरुजन्त सिह निवासी अलोअरख भवानीगढ जिला संगरुर के साथ मैने आँफिस खोला हम लोगो को विदेश मे नौकरी के नाम पर उनका पासपोर्ट धनराशि नकद या बैक खातो मे लेते थे एक बैक खाता मेरा कैनरा बैंक का था व दूसरा बैक खाता राजपाल के नाम था जिसे विक्की उर्फ लखविन्दर चलाता था जो व्यक्ति विदेश जाने के लिए हमारे आँफिस मे आवेदन करते थे हम उनका पासपोर्ट ले लेते थे व उनको नगद या उपरोक्त दोनो खातो मे धनराशि डालने के लिये बताते थे विक्की उर्फ लखविन्दर व मेरे व मेरे साथियो द्वारा फर्जी विदेशी कम्पनियो के कागजात बनाकर लोगो को उपलब्ध कराये जाते थे हमने ढेड महीने मे करीब 30-35 लोगो के पासपोर्ट लिये व उन्हे विदेश भेजने के नाम पर धनराशि ली मेरे द्वरा प्रत्येक व्यक्ति को निर्मल सिह के नाम से एक शपथ पत्र दिया जाता था जिस पर मेरे द्वारा उनको विदेश भेजना हेतु जिम्मेदारी ली जाती थी करीब 15 लाख रुपये हमारे द्वारा दो महीने मे विभिन्न लोगो से लिये गये व यह धनराशि लेकर हम सब यहाँ से फरार हो गये मेरे व विक्की व लखविन्दर सिह के साथ विक्की ने मेरे गाँव के ऋषिपाल व डाँक्टर उर्फ शुभम को भी हमने साथ रखा था व जितने भी लोगो के पासपोर्ट हमारे द्वारा लिये गये थे उनको विक्की ने कोरियर कर वापस कर दिये गये थे विक्की व हमारे द्वारा विदेशी कम्पनियो मे नौकरी के नाम पर फर्जी आवेदन पत्र भराये जाते थे व फर्जी एप्वाइमेन्ट लेटर उन सबको दिया जाता था जिस खाते मे हम पैसे डलवाते थे उनमे से एक खाता राजपाल सिह के नाम का था जिसे फर्जी तरीके से विक्की ने खुलवाया था जिसका एटीएम विक्की के पास ही रहता है . हमारे द्वारा देहरादून मे जितने भी मोबाइल नम्बर चलाये जा रहे थे वह सब फर्जी है । व आकाश त्यागी जो विक्की का जानने वाला है । व ऋषिकेश का रहने वाला था वह कभी कभी एक लडकी के साथ हमारे आँफिस आता था ।वह भी इस धोखाधडी मे शामिल हो सकते है । धोखाधडी की धनराशि विक्की अपने साथ लेकर चला गया व मेरा उससे सम्पर्क नही हो पा रहा है । विक्की ने मुझे इस धोखाधडी मे से करीब चार लाख रुपये दिये थे जो मैने खर्च कर दिये है । मै पुलिस से बचने के लिए इधर-उधर भाग रहा था व गिरफ्तारी के समय जो कागजात मुझसे मिले मै वह विक्की को देने के प्रयास मे था परन्तु वह मुझे नही मिल पाया जो कागजात मुझसे गिरफ्तारी के समय मिले वे देहरादून मे मेरे द्वारा खोले गये फास्ट वे टूर एण्ड ट्रैवल्स से सम्बन्धित है ।

अपराध का तरीका

   अभियुक्तगणों द्वारा शातिराना तरीके फर्जी नाम व पते, फर्जी सिम एवं फर्जी आई0डी0 व फर्जी खाता खोलकर बल्लूपुर चौक में फर्जी कम्पनी (फास्ट वे टूर एन्ड ट्रैवल्स) खोलकर भोले-भाले लोगों से उन्हें विदेश भेज कर नौकरी लगाने के नाम पर उनके पासपोर्ट अपने पास रखे जाते थे। 

  गरफ्तार अभियुक्त

(1) लक्ष्मीनारायण उर्फ बिनोद उर्फ निर्मल सिह पुत्र सुरेश निवासी वार्ड नं0 1 रेलवे रोड ग्राम कलायत थाना कलायत जिला कैथल हरियाणा

पुलिस टीम 

1- प्रभारी निरीक्षक श्री विघाभूषण नेगी, कोतवाली कैन्ट देहरादून।

2- व0उ0नि0 श्री हेमन्त खन्डूरी, कोतवाली कैन्ट देहरादून।  

3- उ0नि0 श्री सुनील नेगी, कोतवाली कैन्ट देहरादून।

4- का0 1759 सर्वेश कुमार, कोतवाली कैन्ट देहरादून।

5- का0 1641 सूरज राणा, कोतवाली कैन्ट देहरादून।

तकनीकी सहायता

1- का0 किरन कुमार, एस0ओ0जी0 देहरादून।

2- का0 आशीष शर्मा, एस0ओ0जी0 देहरादून।

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