महाकुंभ - 2021

शाही स्नान पर आस्था की डुबकी 






पहले शाही स्नान पर अखाड़ों के संत महात्माओं सहित लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई 

मुख्यमंत्री तीरथ ने हर की पैड़ी पर संत महात्माओं और श्रद्धालुओं का स्वागत किया 

हर हर गंगे 


 





@नरेश रोहिला 

हरिद्वार। महाकुंभ मेले में महाशिवरात्रि पर्व के पहले शाही स्नान पर संत - महात्माओं के साथ ही लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। माना जा रहा है कि दोपहर तक करीब 25 लाख से अधिक श्रद्धालु कुंभ स्नान कर चुके थे। इस मौके मुख्यमंत्री तीर्थ सिंह रावत भी हरिद्वार में हर की पैड़ी पर पहुंचे और अखाड़ों के संतों का स्वागत किया।

कुंभ में शाही स्नान पर्व पर आमतौर से पहले अखाड़ों के संत महात्माओं द्वारा स्नान करने की परम्परा रही है लेकिन इस बार शासन द्वारा पहले आम श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की गयी जिसके तहत सुबह पहले आम श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगा कर कुम्भ स्नान किया। बताया गया कि कुंभ स्नान के लिए लोग आधी रात से ही पहुंचना शुरू हो गये थे। श्रद्धालुओं के स्नान के बाद विभिन्न अखाड़ों के संत - महात्माओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जूना अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा आह्वान अखाड़ा निरंजनी अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा अटल अखाडा के संत महात्मा पेशवाई निकालकर हर पैडी पहुंचे और महाशिवरात्रि पर कुंभ का शाही स्नान किया। 


मुख्यमंत्री  तीरथ सिंह रावत ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर हर की पैड़ी हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा से प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने शाही स्नान पर पहुंचे साधु-संतों और श्रद्धालुओं का  भी स्वागत किया।

कुंभ मेला में संत महात्माओं और श्रद्धालुओं को नमन करते मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत 


 

इससे पहले हरकी पैड़ी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने  गंगाजली, प्रसाद और चुन्नी की भेंटकर स्वागत किया। 

कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो पाया

कुंभ मेला में सरकार कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये गाइडलाइन जारी की गयी थी और श्रद्धालुओं से उसके पालन की अपील की थी। आज हरिद्वार में खुद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी  कुंभ मेला श्रद्धालुओं से कोरोना के मद्देनजर गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोई सख्ती नहीं जायेगी। बहरहाल कुंभ के पहले शाही पर्व पर जिस तरह से जनसैलाब उमड़ कर आया उससे कोरोना को लेकर गाइडलाइन का पालन कहीं नहीं दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि पहले शाही स्नान पर्व पर 25 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। 


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