ब्रह्मलीन महंत भगवती प्रसाद के शिष्य जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज की महंतताई चादर रस्म सम्पन्न


एसके विरमानी/  ऋषिकेश। श्री रामानुज संप्रदाय की वैष्णव परंपरानुसार प्राचीन श्री लक्ष्मण मंदिर तपोवन तहसील नरेंद्र नगर , गद्दी आसींन ब्रह्मलीन महंत भगवती प्रसाद जी के बैकुंठ वासी होने पर उनके शिष्य जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज को विरक्त वैष्णव मंडल के कार्याअध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास जी महाराज राम तपस्थली ब्रह्मपुरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास जी महाराज संस्थापक अध्यक्ष कृष्णायनदेशी गौशाला की अध्यक्षता में एवं अन्य संत महात्मा गणमान्य महानुभावों की उपस्थिति में महंतताई समारोह चादर रस्म संपन्न की गई। कार्यक्रम का संचालन तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री द्वारा किया गया


महंताई चादर समारोह में महामंडलेश्वर महंतो एवं सामाजिक राजनीतिक एवं व्यापारी संगठनों ने भी महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज को अपनी अपनी चादर उड़ाई

मंच पर आसीन महाबलेश्वर ईश्वर दास जी महाराज महामंडलेश्वर दयाराम दास जी महाराज महामंडलेश्वर गोविंद दास जी महाराज कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, श्री सुरेश दास जी महाराज महंत श्री मनोज प्रपन्नाचार्य जी महाराज भरत मंदिर प्रबंधक सोसाइटी के हर्षवर्धन शर्मा पुष्कर मंदिर के महंत हरी नारायणचार्य जी महंत सुखबीर सिंह महेंद्र वैष्णव दास महंत गोपाल गोस्वामी दर्शन महाविद्यालय परिवार से प्रबंधक संजय शास्त्री एडवोकेट रमा बल्लभ भट्ट अशोक शर्मा, महंत गोपाल शर्मा दिनेश शर्मा विपिन शर्मा मनीष शर्मा राधा कृष्ण शर्मा दिनेश थपलियाल सोहन लाल जी मदन गोस्वामी रवीश नौटियाल आचार्य सुमित गौड विजय शर्मा राहुल देव शर्मा अभिनय थपलियाल नमन शर्मा अखिल शर्मा आदि लोग उपस्थित थे

महामंडलेश्वर ईश्वर दास जी महाराज ने कहा कि गुरु परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राम नवमी के पावन अवसर पर तपोवन स्थित प्राचीन लक्ष्मण मंदिर के महंत आई समारोह में बैकुंठ वासी महंत भगवती प्रपन्नाचार्य जी महाराज के बाद गद्दी नशीन कार्यक्रम में वर्तमान महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जब समाज में सभी संत महात्माओं एवं बुजुर्गों का आशीर्वाद आने वाले महंत को मिलता है वह निस्वार्थ भाव के साथ उस परंपरा को आगे बढ़ाएं और सबको साथ लेकर परंपरा का निर्वाह करें

जैसा कि अनादि काल से चला आ रहा है गुरु और शिष्य की परंपरा को जो भी शीशे आगे बढ़ाता है वह समाज का सबसे प्रिय शिष्य कहलाता है

इस अवसर पर राम तपस्वी आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर दयाराम दास जी ने कहा कि आज बड़ा अद्भुत संगम हुआ कि एक ही स्थान पर राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न मंदिरों के महंतो द्वारा मेंथाई चादर वर्तमान महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य जी को सभी ने महंत आई दिलाई यह बड़े भाग्य से प्राप्त होती है

महाराज श्री ने जिस प्रकार राम ने मर्यादा में रहकर अपना पूरा जीवन गुरु परंपरा माता पिता की सेवा एवं गुरु के बताए हुए मार्ग में चलकर मर्यादा पुरुषोत्तम राम कलाएं उसी प्रकार लक्ष्मण मंदिर की सेवा निस्वार्थ भाव से कर समाज में रामराज्य जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज इस लक्ष्मण झूला में स्थापित करेंगे और सभी को साथ लेकर वसुदेव कुटुंबकम की भावना को आगे बढ़ाएं तत्पश्चात सभी ने महाप्रसाद ग्रहण कर सभी आए हुए संतों का महंत जी एवं उनके परिवार के सभी सदस्यों ने सभी महामंडलेश्वर महंतों को उत्तरीय उड़ा कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया

समापन समारोह में वर्तमान महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने आए हुए सभी संत महात्माओं का आभार प्रकट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। 

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