... पर तीसरी लहर से बचकर रहें

 

🔴nareshrohila

उत्तराखण्ड में कोरोना संक्रमण का ग्राफ अब लगातार गिर रहा है और बेहद कम मामले आ रहे हैं। शनिवार को राज्य भर में कुल 32 नये केस आए और एक मरीज की मौत हुई। आज 66 मरीज ठीक होकर लौटे। राज्य में वर्तमान में 656 मरीज एक्टिव है। कोरोना से ठीक होने वालों की 95.89 % हो गयी। निश्चित ही यह आम आदमी के लिए राहत की सांस लेने की बात है। इसके बावजूद अभी भी कोरोना का खतरा पूरी तरह खत्म नही हुुआ। कोरोना की तीसरी लहर का डर बना हुुआ है। दुनिया के कई देेशों में इस समय तीसरी लहर का प्रकोप बढ रहा है जिसके चलते उन देशों फिर से लाकडाउन की आशंका बनी हुुुई है। कई देशों में तो लाकडाउन लौट आया है। हैल्थ एक्सपर्ट भारत में तीसरी लहर के यकीनी तौर पर आने की आशंंका प्रकट कर चुुके हैं।
 माना जा रहा है कि अगले महीने कोरोना का तीसरा वेरिएंट अपना असर दिखाना शुरू कर देगा। महाराष्ट्र, केरल और उप्र में इक्का दुक्का मामले सामने आ भी चुके हैं। अभी दूसरी लहर के प्रकोप से देशवासी उबरे भी नहीं कि तीसरी का खतरा घर के दरवाजे पर दस्तक देने को तैैैयार है। कोरोना के कारण लोग दो बार लाकडाउन झेल चुुके है। दूसरी लहर तो मानो देश पर कहर बन कर टूटी। दूसरी लहर में लाखों ने अपने सगे संबंधी खो दिए और स्व्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भारी परेेशानी का साामना करना पड़ा। सबसे बड़ी बात यह है कि दो दौर की महामारी से जूझने में आम आदमी आर्थिक रूप से लगभग टूट चुुका है। लोगों की नौकरियां चली गयी। व्यापर, रोजगार ठप्प हो गये। ऐसे महामारी की तीसरी लहर से एक डर कायम है कि क्या होगा। सरकारें महामाारी में आम आदमी की तरह ही लाचार दिखीं। आगे भी बहुत उम्मीद करना बेमानी होगा इसलिए बचाव ही इलाज है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तीसरी लहर को लेकर लोगों को खबरदार कर चुुके है। उनका साफ इशारा है कि सावधानी ही इस बीमारी से बचने का एकमात्र उपाय है। बचाव के तरीके वही है। मास्क पहने। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और साबुन से लगातार हाथ धोते रहे।

ऐसे में आवश्यक यह है कि लोग अपने रोजमर्रा के कामकाज के बीच कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बनाई गई गाइडलाइन को न भूलें और संक्रमण से बचे रहें। 

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