काशी सिंह ऐरी उक्रांद के अध्यक्ष चुने गए






उक्रांद के द्विवार्षिक महाधिवेशन में कार्यकर्ताओं ने दिखाया उत्साह

अब तक हुई गलतियों को दोहराया नहीं जायेगा : ऐरी

भारतनमन / देहरादून। उत्तराखंड क्रान्ति दल का द्विवार्षिक अधिवेशन शास्त्री नगर देहरादून स्थित राजधानी वैडिंग प्वाइंट में दल के वरिष्ठ नेताओं की गरिमा मय उपस्थित व प्रदेश भर के विभिन्न जनपदो से भारी संख्या मे पहुंचे कार्यकर्ता व डेलीगेट्स के उत्साह के बीच शुरु हुआ। 

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि दल के वरिष्ठ नेता मा. दिवाकर भट् , दल के वरिष्ठ नेता मा. काशी सिहं ऐरी, मा. त्रिवेन्द्र सिंह पंवार, मा. नारायण सिहं जंतवाल , मा. पुष्पेश त्रिपाठी सहित दल के सर्वोच्च नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर किया। 



दल के वरिष्ठ नेता मा. काशी सिंह ऐरी जी की अध्यझता मे शुरू प्रथम सत्र की बैठक में अपने स्वागत भाषण में दल के वरिष्ठ नेता पूर्व अध्यक्ष मा. बी.डी. रतूड़ी ने दल की मजबूती के लिये सामूहिक प्रयास व सामूहिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दल के सामने प्रदेश को बचाने की जो चुनौतियां है एकजुट होकर ही उसका समना किया जा सकता है। पूर्व अध्यक्ष श्री त्रिवेंद्र सिंह पंवार जी ने कहा कि संगठन को गाँव तक मजबूत करना होगा। तभी सफलता मिल सकती है।

प्रथम सत्र में दल की ओर से द्विवार्षिक रिपोर्ट सदन में रखने के पश्चात विभिन्न जिलो से आये जिलाध्यक्षों ने जनपद की रिपोर्ट सदन में रखी व दल की मजबूती के लिये कार्य करने का संकल्प लिया। कोविड नियमो की बाध्यता के बाद भी प्रदेश के दूर दराज छैत्रों से भारी संख्या में कार्यकर्ता महाधिवेशन में पहुंचे इस दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।मध्यान भोजन के पश्चात द्वितीय इस अवसर पर दल वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र कुकरेती, चन्द्रशेखर कापड़ी, हरीश पाठक, ए.पी. जुयाल, सरिता पुरोहित, किशन मेहता, जय प्रकाश उपाध्याय, दिल्ली से डी.डी. जोशी, प्रताप शाही, रेखा मियां, प्रमिला रावत, किरन रावत, देवेन्द्र चमोली, सुनील ध्यानी, शान्ति भट्, मोहन काला, लताफत हुसैन, ओमी उनियाल, शिवानंद चमोली, ब्रह्मा नंद डालाकोटी, महेन्द्र सिह रावत, मनमोहन पंत, राजेन्द्र नौटियाल, अरुण शाह, राजीव देशवाल, केन्द्रपाल तोपवाल सहित प्रदेश भर से आये पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

दर रात तक चलने वाले सत्र में प्रदेश भर से आये पदाधिकारियों द्वारा चर्चा जारी है। संचालन दल के निवर्तमान महामंत्री बहादुर सिंह रावत व किशोरी नंदन डोभाल ने किया। मध्यान भोजन के पश्चात द्वितीय सत्र आरम्भ हुआ, दूसरे सत्र की अध्यक्षता दल के पूर्व अध्यक्ष डॉ नारायण सिंह जंतवाल जी ने की। द्वितीय सत्र मे श्री मोहन काला जी, श्री ए पी जुयाल, श्री डी डी जोशी, श्रीमती सरिता पुरोहित, शैलेश गुलेरी,राजेन्द्र बिष्ट, ने विचार रखे। सभी जिलाध्यक्षो ने अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखा, जिसमे देहरादून महानगर अध्यक्ष दीपक रावत, पछवादून के जिलाध्यक्ष गणेश काला, परवादून के जिलाध्यक्ष श्री केन्द्रपाल तोपवाल ने भी रखी।

सदन में दल के पूर्व अध्यक्ष श्री पुष्पेश त्रिपाठी,ने सदन को संबोधित करते हुये कहा कि युवा राज्य का कर्णाधार बनेगा। युवाओँ को जोड़ना होगा। राज्य के मुद्दों को पुरकोर तरीके से जनता के बीच ले जाना होगा। सदन में *राजनीतिक प्रस्ताव रखे गये* जिसे सुनील ध्यानी द्वारा सदन के पटल पर रखे गये, जो ध्वनिमत से पास हुये। राजनीतिक प्रस्ताव में गैरसैंण को स्थायी घोषित करने, मूलनिवास को सन 1950 लागू करने,राज के मूलनिवासियों को 70 प्रतिशत आरक्षण लागू करने,राज्यान्दोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देना,सख्त भू-कानून लागू करने,पर्यटन और तीर्थाटन को उद्योग का दर्जा देने,समूह ग की भर्ती लोक स्व आयोग की परिधि से बाहर किया जाय ,पुलिस ग्रेड पे की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ किया जाय सहित 18 राजनीतिक प्रस्ताव पास किये गये। शांय 5. 30 बजे चुनाव की प्रक्रिया आरम्भ हुये। दल की ओर से श्री इंद्र सिंह मनराल निर्वाचन अधिकारी, तथा श्री विजय बौड़ाई सह-चुनाव अधिकारी नियुक्त किये गए। सदन में श्री बी०डी० रतूड़ी  द्वारा दल के केंद्रीय अध्यक्ष पद के लिये काशी सिंह ऐरी के नाम का प्रस्ताव रखा, प्रस्ताव का अनुमोदन श्री दिवाकर भट्ट,, त्रिवेंद्र सिंह पंवार,श्री डा नारायण सिंह जंतवाल, पुष्पेश त्रिपाठी, ए पी जुयाल, हरीश पाठक, चंद्र शेखर कापड़ी व सुरेंद्र कुकरेती  ने किया। सर्व सहमति से सदन में चुनाव अधिकारी इंद्र मनराल व सह चुनाव अधिकारी एडवोकेट विजय बौड़ाई ने श्री काशी सिंह ऐरी  को सदन के बीच उत्तराखंड क्रांति दल का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया। सदन को संबोधित करते हुये नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री ऐरी  कहा कि जो गलतियां अभी तक हुई है उन गलतियों को दोहराया नही जायेगा। प्रत्येक को जबाबदेही होना पड़ेगा। प्रत्येक पदाधिकारी का आंकलन उसके कार्यो के अनुसार किया जायेगा। समस्त उक्रांद कार्यकर्ताओ ने गर्मजोशी के साथ श्री ऐरी  का स्वागत किया। 

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