बलिदानियों के सपनों को साकार करना हम सबका कर्तव्य :अनिता ममगाईं

एसके विरमानी / ऋषिकेश। राज्य आंदोलनकारियों ने खटीमा में हुए गोलीकांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आंदोलनकारियों के सपनों का राज्य बनाने के लिए एकजुटता पर जोर दिया गया। बुधवार को खटीमा कांड की 27 वीं बरसी पर देहरादून रोड़ स्थित गोपाल कुटी में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रद्वांजलि सभा में शहीदों को नमन किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महापौर अनिता ममगाई ने कहा कि खटीमा में निहत्थे आंदोलनकारियों को शहीद करने के बावजूद सरकारें आंदोलनकारियों के मजबूत इरादों को हिला नहीं पायी। जिन शहीदों ने राज्य के लिए जान लगा दी, उनके सपनों को बेकार नहीं जाने देना है। राज्य निर्माण के लिए शहादत देने वालों को याद करते हुए महापौर ने कहा कि राज्य निर्माण की मांग को लेकर 1 सितंबर 1994 को खटीमा की सड़कों पर उतरे हजारों आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई गई थीं। इस दौरान सात लोगों ने शहादत दी और कई लोग घायल हुए। आज भी इस दिन के आते ही आंदोलनकारियों और उनके परिजनों का दर्द छलकता है।उन्होने कहा कि भाजपा सरकार शहीदों के सपनों के अनुरूप कार्य कर रही है,बहुत कुछ किया गया है व बहुत करने को है।शहीदों का उत्तराखंड बनाने को भाजपा कृत संकल्प है। 



 महापौर ममगाई ने कहा कि केेंद्र की मोदी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लगातार प्रयासरत् रही है।इसी का परिणाम है कि पहाड़ पर रेल का सपना कर्णप्रयाग रेलवे लाईन के जरिए साकार होने को है वहींं सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में भी सड़कों का जाल बिछने से सफर अब आसान हो गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत देकर राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाई जिसे कभी भूलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि देने वालों में वेद प्रकाश शर्मा , डीएस गुसाईं, संजय शास्त्री, वीरेंद्र शर्मा, बलबीर सिंह नेगी, उषा रावत , गंभीर मेवाड़, जसवीर चौहान, रामेश्वरी चौहान, सरोजिनी, बीना बहुगुणा, राजेश खंडवाल आदि शामिल थे।

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